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आप क्या हो????

आप क्या हो???

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तुम मुझे मारते रहो
मुझे कुछ परवाह नहीं।
मुझे तबाह करते रहो
मेरे अस्तित्व को नेस्तनाबूद कर दो
पर मैं उफ़ तक नहीं करूँगा।
मैं सहता रहूँगा।
मैं देखना चाहूँगा तुम्हारी हद
कि किस हद तक तुम मुझे बर्बाद कर सकते हो।
जब तुम थक जाओगे
तब तुम खुद ही रुक जाओगे।
पर मैं तुमपर पलटवार कभी नहीं करने वाला।
क्योंकि मैं गांधी हूँ।😡

तुम्हारे हर हमले का जवाब दूँगा
मेरा अगर लहू का एक बूंद गिरा
मैं तुम्हें लहू लुहान कर दूँगा।
तुम्हें बर्बाद करके रख दूँगा।
कि अगली बार
कोई हमपर हमले करने की सोच से भी डर जाए।
क्योंकि मैं सुभाषचंद्र बोस हुँ।😳

मैं तो सुभाष हूँ।
मैं गांधी नहीं
जिसकी अहिंसा वाली सोच के चलते
हम इतने कायर ना हो जाएँ
कि हम अपने अस्तित्व को खंगालने को मजबूर हो जाएँ।
ईंट का जवाब पत्थर से देना हमें पसन्द है।
और हम चुप रहकर सहने वालो में से नहीं।
बल्कि अपनी गर्जना से संसार को हिलाने वालो में से हैं।
मैं सुभाष हूँ, मैं चन्द्रशेखर आज़ाद हूँ, मैं बिस्मिल हूँ।
पर गांधी कभी नहीं।

आप क्या हो???

Written by sushil kumar

राष्ट्रपिता या ?????

राष्ट्रपिता या ?????


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वो क्रांति की ज्वाला जगा गया था
पर कुछ देशद्रोहियों ने उसे बुझा डाला।
अपनी राजगद्दी बचाने के खातिर
फिर कुछ मीर जाफर ने खेल रचा डाला।

बना डाला उसे राष्ट्रपिता
जो मुसलमानों के खैरियत की सदा सोचता रहा।
बना डाला पाकिस्तान
और हमारे मातृभूमि के विभाजन का एक मात्र कारण बना।
गणेश विद्यार्थी को मारने वाले मुसलमानों को
कभी अहिंसा का पाठ पढ़ाया था नहीं उसने।
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की शहादत को
रोकने के लिए हाथ कभी बढ़ाया नहीं था उसने।
स्वयं को निष्पक्ष, अहिंसावादी मानने वाला
क्या उसने कभी हिंदुओ के दर्द को समझा था कभी।
लाखों हिंदुओं का कत्लेआम हुआ था पाकिस्तान में
माँ बहिनों की इज़्ज़त सरेआम नीलाम हुआ था कभी।
पर शिकन उसके चेहरे पर एक तनिक भी नहीं दिखी थी ।
क्योंकि शायद ये अहिंसा का खुलेआम प्रचार जो हुआ था।
अहिंसा का पाठ केवल हिंदुओ के लिए था
मुसलमान तो सदा अहिंसावादी ही रहे थे।
राष्ट्रपिता शब्द का अपमान हुआ था उसदिन
जिसदिन ये उपनाम उसके नाम के आगे लगा था।


Written by sushil kumar

वतना मेरे वतना वे।

वतना मेरे वतना वे kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। वतना मेरे वतना वे तेरा इश्क़ मेरे सर चढ़ चढ़कर बोल रहा है। एक जन्...