Email subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

मेरे हर साँस में

मेरे हर साँस में

Kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।

मेरे हर साँस में
कुछ नया एहसास है।
कुछ नए जज़्बात हैं
तो कुछ दिल में खास है।
हर दिन की तरह
आज की सुबह में भी
कुछ बात है।
कुछ नए अवसर
और नई राहें
प्रोत्साहन कर रहें हैं हमें
कि तू आगाज़ कर।
समय ने भी पुकार कर
आज यही कहा है हमसे
बीते बिगड़े बातों को भूल
हौसला रख,आगे बढ़।
नए चुनौतियों से
आँखे मिला
दो दो हाथ करने को
रहें हमेशा तैयार हम।
written by Sushil Kumar @ kavitadilse.top

मैं एक सोच हूँ

मैं एक सोच हूँ

Kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।


मैं एक सोच हूँ
तुम्हें शायद पसन्द आऊँ
या ना भी आऊँ।
पर दिल में मेरे कोई दोष नहीं है।
मन में भी कोई आक्रोश नहीं है।
हृदय में है मेरे 
बहती है गंगा।
सभी को साथ लेकर
चलने की है दृढ़ इच्छा।
दोस्त क्या?
दुश्मन क्या?
सभी मेरे हैं भाई बन्धु।
बिन इनके 
हमारा कोई जहाँ भी 
है क्या संभव??

भले तुमने कल 
मुझपे चोट किया हो।
मेरे बदन को तुमने 
लहू लुहान किया हो।
पर समय ने मेरा 
पूरा साथ दिया है।
और जख्म मेरे भरकर
 आज पुनर्जीवित किया है।
और आज मैं पुनः
सब कुछ पुराना भूलकर।
नए मिलन की संगीत के 
तराने को 
प्यार से बुनकर।
लाया हूँ ख़ास तुम्हारे खातिर
ताकि तू उसे अनुभव कर।
तुम्हें साथ लेकर 
चलने को 
मैं आगे बढ़ा हूँ।
अपने मन में नहीं रखा है
तुम्हारे लिए कोई घृणा।
क्योंकि प्यार से बढ़कर इस जग में
और कोई धर्म नहीं है।



Written by sushil kumar@ kavitadilse.top

मैं हिन्दू नहीं।

मैं हिन्दू नहीं। kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। मैं हिन्दू नहीं ना मैं मुसलमान हूँ। मैं सिख नहीं ना मैं क...