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कोई ऐसा जहाँ बनाए

क्यों ना, कोई ऐसा जहाँ हम बनाए,
जहां दुख और गम के ना हों साए।
सब खुश हो,वहाँ हर्षाए...
कोई ऐसा जहाँ हम बनाए।।
जहाँ प्यार से सभी मुस्कुराएं,
एक दूसरे को सहज अपनाए.....
कोई ऐसा जहाँ हम बनाए।

जी़रो फिगर के साईड इफेक्ट्स।

बचपन से हम जी़रो के जी़रो पर ही रह गएँ।हम बात कर रहें हैं,अपनी बाडी के बारे में।हम बचपन में रामायण में भाग लेने के लिए पहुँचे, और अपना नाम दे दिएँ।हमें हमारी सुंदरता को देख,हमें राम जी का रोल दिया गया।और जब हम जवान हुएँ,और कालेज पहुँचे और रामायण में भाग लेने के लिए दुबारा नाम दिएँ,तो हमारी जी़रो फिगर को देखते हुए, हमे सीता का रोल दिया गया।क्योंकि कालेज में कुछ एक ही लड़की थी,जिसका जी़रो फिगर था।जिन लड़कियों का जी़रो फिगर था,लेकिन वह शामली थी।हम परेशान हो गए थे,जो कि सारा कालेज हमें सीता बनाने पर तुला हुआ जो था।
  जी़रो फिगर का पहला नेगेटिव इफेक्ट हमें दिख चुका था।  हमें फिर एक लड़की से प्यार हो गया।उसकी साईज़ तो हमसे डबल थी,पर देखने में हमें बहुत सुंदर दिखती थी।पर पता नहीं क्यों लोग उसे लाईन नहीं मारते थे।
और तो और कुछ दोस्त तो हमसे ये तक बोल दिए थे,कि ' साले तेरे को उस मोटी में क्या दिखता है,जो तू उससे प्यार करने लगा है।'
हमें उसका संबोधन इतना बुरा लगा,कि हम उस दोस्त से बात करना बंद कर दिए।फिर कुछ दिन बाद वही दोस्त आकर हमसे माफी माँगा।और हमने उसे माफ कर दिया।
फिर हमने फ्रेंडशिप डे के दिन उसे फ्रेंडशिप डे कार्ड देकर उससे दोस्ती कर ली।फिर धीरे धीरे हम क्लोज़ होते चले गए।और हर दिन हम उसे फ्रेंडशिप ट्रीट देने लगें।कभी बर्गर, कभी पिज्ज़ा, तो कभी समोसा तो कभी वड़ा पाव।वह और भी फैलती ही जा रही थी,पर पता नहीं क्यों हमें वह और भी सुंदर ही दिखने लगी थी।
      एक दिन उसने हमसे मजाक मजाक में पूछ ही लिया, 'क्यों हमसे प्यार करते हो क्या?'(हमें लगा शायद वो भी हमसे प्यार करने लगी है)ऐसे में अकस्मात ही हमारे लब्ज निकल पड़े। हाँ,बहुत दिनों से,तुमसे कहना चाहते थे,कि हमें तुम बहुत अच्छी लगती हो और हम तुमसे बहुत प्यार करते हैं।
     वह हंसने लगी,बोली ' तुम मेरे लिए क्या कर सकते हो?'
हमने भी आशिकाना भाव में जवाब दे दिया।'जो तुम चाहो,वह तुम्हें हम लाकर दे सकते हैं।'
उसने बोला,चलो मैं तुम्हारा प्यार स्वीकार कर लूंगी,लेकिन एक शर्त पर कि तुमहें हमें अपने दोनो बाहों में भरकर उठाना पड़ेगा।
हम नर्वस हो गए, पर हिम्मत नहीं हारे।बोला,चल उठा लिया तो।
वो बोली 'फिर मैं तेरी,नहीं तो फिर कभी तू मेरे नजदीक आने की सोचना भी मत।
हमने भी बोल दिया,चल ठीक है।
हम गए,और दोनो बाहों से पकड़कर उसे उठाने लगा।उठाने का तो उठा लिया,पर बेलेंस गड़बड़ाया,और हम धड़ाम से नीचे गिर पड़े,और हमारे ऊपर वो गिरी।
उसे तो चोट नहीं लगी,पर हम जख्मी हो गए।
उसने मजाक मजाक में बोल दिया,'अरे बच्चे पहले तो तू बाडी बना ले,गर्लफ्रैंड बाद में बनाना।'
हम भी अगले ही दिन जख्मी हालत में जिमखाना पहुँच गए।और जिम इंस्ट्रक्टर से पूछ लिया'बाडी बनाने में कितना टाईम लगेगा।
उसने छह से सात महीने का हमसे टाईम माँगा।और हमने उसे दे दिया।उस समय की स्थिति ऐसी थी कि कोई बच्चा क्लास में होमवर्क करके नहीं आया है,और क्लास टीचर उसे दस मिनट का टाईम दिया हो,होमवर्क कंप्लीट करने को,वरना पनिस्मेंट पाने के लिए तैयार रहने को कहा हो।
उसने हर दिन का डायट का लिस्ट हमे दे दिया।अब हम रोज वही डायट लेने लगें।साथ में रोज का हैभी वर्कआउट।धीरे धीरे हमारी सुवह  सुवह पेट साफ होना ही बंद हो गया।
 पहले दस मिनट में निकल जाया करता था,अब कभी भी आधे घंटे से कम नहीं लगता था।कभी कभी तो आधे घंटे में भी हल्का महसूस नहीं होता था,तो एक से दो घंटे तक भी बैठना पड़ जाता था।
    हैभी वर्कआउट के कारन पूरा बदन में दर्द हो जाया करता था,जिसके कारन रात भर करवटें बदलता रहता था।और सुवह सुवह दो ढाई बजे नींद लगती थी,जिसके कारन सुवह लेट से नींद खुलती थी।
    एक महीना होने पर हमने अपना वैट नापा,जो पाया,उसे देख हमे चक्कर आ गया।हमारा वैट एक पाव घट गया था।जब हम जिम जोयन किए थे,तब हमारा वैट पच्चपन किलो था,आज हमारा वैट चौवन किलो साढ़े सात सो ग्राम था।
हम परेशान हो गए।हमने जिम इंस्ट्रक्टर को भर पैट गाली दिया,और वहाँ से निकल गएँ।
    वह एक पाव हासिल करने में हमें तीन महीना लग गया।आज भी हम जी़रो फिगर पे ही अटके हुए हैं।

मैं हिन्दू नहीं।

मैं हिन्दू नहीं। kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। मैं हिन्दू नहीं ना मैं मुसलमान हूँ। मैं सिख नहीं ना मैं क...