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12 Nov 2019

जितनी बार मैं तेरे करीब आया

Shayari

जितनी बार मैं तेरे करीब आया

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जितनी बार मैं तेरे करीब आया
उतनी बार दिल में
बड़ा सुकून पाया है।

सारे गम,सारे तनाव
पुराने सारे दर्द को भूल
दिल में
एक इत्मिनान सा आया है।

मेरी इर्दगिर्द की फैली सारी दुनिया
एक पल में मानो
तेरे इश्क में सिमट
तुझमे समाया है।


Written by sushil kumar
Shayari

10 Nov 2019

इश्क का सफर इतना आसान नही होता है।

Shayari

इश्क का सफर इतना आसान नही होता है।

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इश्क़ तो बहुत किया मैने
पर सफल कभी ना हो पाया
अपने जीवन में।

जिसे भी पसन्द किया
वो पीछे हटी।
क्योंकि कोई और था
पहले से
उनके जीवन में।


पर मैने कभी भी हिम्मत नहीं हारी थी
अपने हृदय से।
मना करने वालो की सूची बनाना शुरू की
अपने डायरी में।

उनचास तो हो चले थे
मना करने वालों की सूची में।
पर भरोसा नहीं छोड़ा था
आज भी अपने जिगर में।


कोई तो होगा
जिसे मैं पसन्द आऊँगा।
मेरे लिए भी किसी का
दिल ज़रूर धड़केगा।

पर कौन है?
कहाँ है?
और वो कब मुझे मिलेगी?
ईश्वर ने
कहाँ छुपा रखा है??
मेरी होने वाली जोड़ी को।

उसी सोच की दरिया में
डूबता हुआ जा रहा था।
मैसेज का ट्यून ने बजकर
मुझे दरिया से बाहर निकाला था।
व्हाट्सएप्प किसी ने किया था
अपना दिल💓 मुझे उपहार में भेजा था।
कोई फिरकी ले रहा है
मेरा दिमाग ने
सख्ती से चेताया था।

मैने रिप्लाई किए बगैर उसका
अपना कॉल ईश्वर से फिर जोड़ा था।
देख ना भगवान
अब तो कुछ दया कर
लोगो ने अब मजा लेना भी
शुरू कर दिया था।

तभी मोबाइल की फिर से घण्टी बजी
देखा कोई अननोन नंबर था।
उठाया जैसे ही
उसके हेलो की आवाज़ से
दिल मेरा जोर से धड़का था।
इतनी मधुर स्वर सुनकर
मेरे दिल में जबरदस्त तरंगे जागी थी।
क्या यही है?
मेरे मौला।
जिसे तूने
मेरे लिए
इस दुनिया में चुना था।

आगे जो बोला उसने
मेरा दिल चकनाचूर हो चला था।
अपने पोस्टपेड बिल का भुगतान करें जल्द
वरना अगले दो दिनों में
आपका नम्बर बंद कर दिया जाएगा।

क्या भगवन!
तुम भी फिरकी ले रहे हो मेरी।
अब तो किस्मत खोल
बहुत हो गई देरी।
मरूँगा कुँवारे ही क्या?
बनाना भूल गए हो क्या
मेरी जोड़ी।

तभी फिर से मैसेज ट्यून बजी
देखा फिर वही अननोन नम्बर से
आया है व्हाट्स एप्प मैसेज।
पूरा पढ़ा तो पाया मैने
ये पहली वाली प्रेमिका का था नम्बर।
उसने लिखा था कि
मै पसन्द हूँ उसे।
उसके जीवन मे
कभी नहीं था कोई।

मैं धन्य हुआ
ईश्वर की माया देख।
मेरा प्रेम
सफल जो हुआ था।



Written by sushil kumar
Shayari






8 Nov 2019

अजब प्रेम की गजब शायरी।

Shayari

अजब प्रेम की गजब शायरी।

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जब तलक था जिंदा
तेरे चक्कर में ना जाने कहाँ कहाँ
भटकता रह गया।
आज मिट्टी में मिल जाने के बाद भी
एक खुशबू बन
तेरे जुल्फों में कैद होकर रह गया।

मुझे नहीं था पता
मेरी रूह कब की
तेरे रूह से जुड़ चुकी थी।
आज चोट तुझे लगती है
दर्द असहनीय मेरा हो जाता है यहाँ।

इसलिए कहता हूँ
जरा संभल कर चला कर
जीवन के पथ पर।
रस्ते में पड़े हुए हैं
छोटे बड़े कंकर।
वरना मेरे मरने की सिलसिलों में
नहीं आएगी कभी कमी।
जितनी बार चोट तुझे लगेगी
उतनी बार मौत आएगी मेरी।

Written by sushil kumar
Shayari

3 Nov 2019

मेरा मेहबूब मिल गया।

Shayari

मेरा मेहबूब मिल गया।

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मुझे क्या पता था
तू मेरे जहन में
ना जाने कब से बसा था।
जब भी आंखों को बंद किया करता था
एक धुंधला सा चेहरा
हमें दिख जाया करता था।
मानो जैसे कोई
बहुत ही गहरा रिश्ता हो
उस चेहरे से
मानो जैसे कोई
जन्मों का नाता था।
आज जो तुझे देखा
वो धुंधली सी छवि
साफ होती चली गई।
मेरा हमसफ़र
मेरा महबूब जो मिल गया था
जिसे ढूंढ रहा था
ना जाने कब से
गली गली।


Written by sushil kumar
Shayari

2 Nov 2019

सच्चा आशिक

Shayari

सच्चा आशिक।

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मैं नहीं बोलता हूँ कि
तू मेरी जानशीन ही बन जाओ।
मुझे तो अगर तुम एक दोस्त ही बनाकर
अगर अपने हृदय में
एक छोटी सी जगह दे दो
तो मैं ये सारा जीवन
खुशी खुशी गुजार लूँगा।

ये मुमकिन नहीं कि
हर चाहने वाले को
उसकी चाहत नसीब ही हो जाए।
परिस्थितियों के अनुसार
अपने चाहत के दायरे को तय करना ही
सच्चे आशिक की पहचान है।

मोहब्बत केवल पाने का नहीं
बल्कि कुर्बानी का भी नाम है।
अगर जो तुम अपने माशूका की खुशी पूरी करने को
पूरी जद्दोजहद से कोशिश की
तो उससे बड़ी प्रेम की मिसाल
दुनिया में नहीं मिल सकती है।

Written by sushil kumar
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इश्क़ को सजदा।

Shayari

इश्क़ को सजदा।

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क्या सही है?
क्या गलत है?
हमें कुछ भी फर्क नहीं पड़ता।
हम तो चले थे कल
इश्क के अम्बर में घर बनाने।
एक छोटा सा प्यार का घोसला बना
अपने जिंदगानी को संवारने।

हमें क्या पता था?
इतने घनघोर अंधेरे
हमारे आस पास फैले हुए हैं।
राक्षस हमारे आशियाने को
तोड़ने को आतुर खड़े हैं।
पर हम नहीं मानते इन भटके हुओं को
अपना कोई दुश्मन।
ये अभागे बेचारे
अछूते रह गए हैं
मोहब्बत के साये से।

आज इनकी नफरत के आग को
हम अपनी मोहब्बत के बरसात से शांत कर देंगे।
हम इन्हें भी अपनी तरह
इश्क़ को सजदा करना सिखा देंगे।


Written by sushil kumar

Shayari

1 Nov 2019

बेपनाह मोहब्बत।

Shayari।

बेपनाह मोहब्बत।

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तुझसे बेपनाह मोहब्बत जो करता हूँ
तू रहे कहीं भी
तेरे मौजूदगी को सुनता हूँ।

मैं साँस ले रहा हूँ
आज जो यहाँ पर।
तेरा दिल जो धड़क रहा है
आज इस जहाँ में।

मेरे जीवन की पतंग
तेरे साँसों से जुड़ी है।
तू जो वहाँ हँसी है
मेरा हृदय खिल उठा है।

कभी भी तू नैनो से अपने
अश्रु ना बहाना।
मेरा दिल कहीं बैठ ना जाए
तेरे सिसकियों के आहट से।


Written by sushil kumar
Shayari

25 Oct 2019

बेवफा:-मन से भले निकाल दिया है तुझे कब से।

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बेवफा:-मन से भले निकाल दिया है

तुझे कब से।

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मन से भले निकाल दिया है
तुझे कब से।
पर दिल को अभी भी कुछ उम्मीद बाकी है।
एक छोटी सी खुफिया जगह छुपाकर दुनिया से
ना जाने से कब से बचाकर रखी है।

मुसाफिर बहुत आए
और चले गएँ।
कुछ तो किराए पर चाहे
लेने को मेरा आशियाना।
पर कहाँ मान रहा था
मेरा दिल ये दीवाना।

बेवफा से वफ़ा की जो
लौ जगाकर रखी है।
दिल तो बड़ा ही पागल है
कहाँ किसी की सुनता है।
अभी भी एक आस
दिल ने जगाकर रखी है।
मेरा बेवफा मेहबूब
भूले भटके
कहीं वापस
मेरे घोसले पर ना आ जाए।


Written by sushil kumar
Shayari

इश्क करने का समय नहीं होता है।

Shayari

इश्क करने का समय नहीं होता है।

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बचपन की दहलीज पार कर
जो जवानी में कदम थी रखी।
हर सुंदर स्त्री को देख
मेरे दिल में मची थी खलबली।

कभी कभी तो मेरे नैन भी
कुछ ज्यादा ही हो जाते थे अश्लील।
अपने से अधेड़ उम्र की औरत को देख
हृदय भी दे जाती थी दलील।

मोहब्बत उम्र देख कर कहाँ होती है?
मोहब्बत तो बस हो जाती है।

भले वो सभी को बदसूरत दिखती हो
पर अगर वो मेरे दिलोदिमाग पर छा जाए।
और मेरा इश्क सर चढ़कर बोले
तो फिर कौन सा गुनाह मैने किया।

पूरा माहौल ही उस वक़्त
इश्क नुमा सा प्रतीत होने लगता था।
वो नदी का सागर में विलय होने में भी
एक शायरी लफ्ज बनकर मुँह से निकल पड़ता है।

सच में वो समय लाजवाब होता है।

Written by sushil kumar

Shayari

जितनी बार मैं तेरे करीब आया

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