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वतना मेरे वतना वे।

वतना मेरे वतना वे

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वतना मेरे वतना वे
तेरा इश्क़ मेरे सर चढ़ चढ़कर बोल रहा है।
एक जन्म क्या है
मेरे वतना
मैं लाखो जन्म तेरे उल्फ़त में कुर्बान कर दूँ।
ये कैसा पागलपन है?
ये कैसा दीवानापन है?
मुझे नहीं पता।
अपने लहू से तिलक करने को
तेरे तिरंगे में लिपट जाने को
तेरी मिट्टी में समा जाने को
तेरे हवाओं में घुल जाने को
पुनः तेरे मिट्टी रूपी गोद में जन्म लेकर
तेरे चरणों में पुनः बलिदान होने को
मैं आतुर हूँ माँ।
मैं आतुर हूँ।

जब एक माँ को छोड़
दूसरे माँ के पास गाँव जाता हूँ।
दिल तड़प उठता है
उस बिछड़न के सोच मात्र से।
मैं काँप उठता हूँ।
कि माँ तेरी रक्षा में
तेरा ये सपूत नहीं रहेगा
सरहद पर।
कहीं मेरा सपना व्यर्थ ना चला जाए।
कहीं मैं वो अवसर खो ना दूँ।
कहीं मेरे अरमान धूल में ना मिल जाए।
मैं तेरी रक्षा करते करते
अपने खून के कतरे कतरे से
तेरा स्नान कराना चाहता हूँ माँ।
दुश्मनो के दिलो में अपनी वीरता का
खौफ पैदा कर जाना चाहता हूँ माँ।
कि उनके कदम थर थर्रा जाए
जो उनके नापाक कदम
कभी हमारी धरती पर पड़े
जो माँ।
वन्दे मातरम।।
जय हिंद।।
जय भारत।।

Written by sushil kumar


आँखे बंद थी।

आँखे बंद थी।

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Army



आँखे बंद थी
पर चेहरे पर सुकून साफ झलक रहा था।
मेरा भाई जैसा दोस्त
लिपट तिरंगे में
बेखौफ अपने माँ के आँचल में
सो रहा था।
मानो जैसे मुझे वो
चिढ़ा रहा हो
खुद पर बहुत
इतरा रहा हो।
देख जीत ली भाई
बाज़ी फिर से मैंने ना
ऐसा कह कर मुझे
नीचा दिखा रहा हो।

याद है मुझे उसकी
पिछली मुलाकात।
जब घर पर आया था मिलने को
मेरा जिगरी यार।
बहुत ही खुश था वह
फ़ौज में भर्ती पाकर।
खूब सुनाई वीर सैनिकों की गथाएं
जो उसने सुन रखी थी
वहाँ पर।
कहते कहते सभी की कहानियां
आक्रोषित हो उठा था वह।
दुश्मनों से अपना लोहा मनवाने को
उसने जिद्द जो अपनी
ठान रखी थी।
Army

आखिरकार उस हठी ने
अपना हठ पूरा कर ही गया।
और कूद गया दुश्मनों के बीच में
दाँत खट्टा करने को उनके।
सुना है
उसने अपनो की जान बचाने को
अभिमन्यु बन कूद पड़ा था
बीच मैदान में।
गोलियों से जिस्म छलनी होती रही
पर कहाँ थमा था वह।
शेर सा दहाड़ता हुआ
सारे दुश्मनों पर
वह भारी पड़ रहा था
अकेला ही।
आखिरी साँस तक उसने
अपना हथियार नहीं गिराया था।
दुश्मनों को अकेला ही
वह खदेड़ कर भगाया था।
खूब लड़ा मर्दाना वह तो
भारत माँ का लल्ला था।
Army

आज हर हिंदुस्तानी
उस नादान परिंदे के जिद्द के आगे नतमस्तक है।
और सभी उसकी बहादुरी और कुर्बानी पर
दिल से सलाम कर रहे हैं।

जय हिंद।
जय भारत।













राष्ट्रवाद

राष्ट्रवाद
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कोई ऐसा तूफान नहीं
जो मेरे इरादे को हिला सके।
कोई ऐसा सैलाब नहीं
जो मेरे हौसले को बहा सके।

मैं नहीं वो महान सिकन्दर
जो मगध की विशाल सेना देख
कदम को पीछे हटा लिया।
मैं हूँ वो वीर पुरु
जो सिकन्दर के जलजले देख भी
खुद को ना रोक सका।

बहुत देखे ऐसे कायर महाबली
जो कमजोर पर राज करते हैं।
मैं आया हूँ इस धरती पर
सभी के दिलों पर राज करने को।

मैं हूँ प्रेम
मैं ही हूँ बलिदान।
अगर मैं नहीं तो
नहीं हो किसी देश का सम्मान।

मैं ही हूँ
जो सीमा पर रहता हूँ तैनात।
मैं ही हूँ
जो देश के लिए जान देने को रहता हूँ तैयार।
मैं ही हूँ
देश की विकास में।

क्योंकि मैं हूँ
वीरों की वीरगति की गाथा में
उनके बहते हुए खून और पसीने के पराक्रम में।
मैं ही हूँ।
मैं ही हूँ।
मैं ही हूँ।
।।राष्ट्रवाद।।

जय हिंद।।
जय भारत।।
Rastrawad


Written by sushil kumar



एक राष्ट्रवादी की आखिरी ख्वाहिश।

एक राष्ट्रवादी की आखिरी ख्वाहिश।

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Rastrawad

माँ आज मैं बहुत खुश हूँ।
जिस मिट्टी से मैने जन्म लिया
उस राष्ट्र की एक आखिरी सेवा करने का समय
जो आज निकट आ गया है।

मेरे भस्म को गंगा में प्रवाहित नहीं होना है।
ना ही उसे मिट्टी में मिलना है।
जिस क्षण मैं भस्म बनूँ
आँधी और तूफान मेरे भस्म को उड़ा ले जाएँ।
और सारे भारत के हवा के कण कण में उसे समाहित कर दें।
और मैं हर भारतीय के साँस में
हवा बन प्रवाहित हो जाऊँ।
उनके खून में मिल
राष्ट्रवाद की अखण्ड ज्वाला बन उनके हृदय में
सदा सदा के लिए ज्वलित हो जाऊँ।
और अपने भारत को पूर्ण राष्ट्रवादी देश बना
अपनी प्रिय माता से अलविदा ले
संसार से मुक्ति पाऊँ।
और हिंदुस्तान की सोच में
मैं सदा जीवित रहूँ
एक राष्ट्रवाद की अखण्ड क्रान्ति बनकर।

जय हिंद।।
जय भारत।।

Written by sushil kumar

हमारे प्रिय मोदी की ही सरकार आ रही है।

हमारे प्रिय मोदी की ही सरकार आ रही है।

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Bharat

हम भारत देश में जन्म लिए।
हम भारत के हित की सोचेंगे।
हम स्वयं अपना कदम बढ़ाएंगे।
भारत को भी खींच उठाएँगे।
हम शांति दूत हैं इस विश्व के
पर हम कायर नहीं
जो विरोधियों के दबाव में,
अपने कदम पीछे हटाएँगे।
वो दौर कोई और था
ये दौर कोई और है।
पहले स्वयं के हित की सोच थी
आज देश के हित की सोच है।
पहले कायरता की खाई में गिरे थे हम सभी
पर आज हिमालय की वीरता के गोद में बैठे हैं हम।
Bharat,narendra modi

आज हमारी सोच में ललकार है
दुश्मनों के लिए।
तो बहुत सारा प्यार है वहीं
अपनो के लिए।
आज सारे देश में विकास की लहर है
गाँव - गाँव और शहर- शहर में
बिजली और सड़क है।
आज अपने सुनहरे देश की भविष्य
हमें उसकी छवि में नजर आ रही है।
आज हर दिल एक स्वर में
बस यही राग पुकार रही है।
इस बार फिर से
हमारे प्रिय मोदी की ही सरकार
आ रही है।
Bharat,narendra modi

जय हिंद।।
जय भारत।।

Written by sushil kumar.

होली का त्योहार है

होली का त्योहार है

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होली का त्योहार है
रंग और गुलाल भरी खुशियोंं की बौ-छार है।

हर दिल में
आज वो बचपन का उमंग
पुनः जाग उठा है।

सारे मन के मैल
मानो आज इस पावन त्योहार पर धूल चुके हैं।

और हम सभी
जातिवाद, धर्मवाद और सभी विकारों से ऊपर उठ
पूरे जोश खरोश और उमंग के साथ
होली के रंग में
एक साथ
सतरंगी खुशियों के झरने में
भींगे जा रहे हैं।

और तो और
हमारे साथ सारी प्रकृति भी
इस त्योहार के प्रभाव से बच नहीं पाई हैं।
दिन ढलने को है और
सारे अम्बर की लालिमा
हमें ऐसा आभास करा रही है।
मानो धरती ने अम्बर को
लाल गुलाल से रंग दिया हो।
और ठीक वैसे ही
धरती की हरियाली देख
ऐसा आभास हो रहा है
जैसे अम्बर ने भी हरे रंग के गुलाल से
धरती को रंगने का मौका नहीं गंवाया है।

कितना मनोहर दृश्य है
मानो सारी प्रकृति आज खुशी में
झूम रही हो।


आज के इस शुभ पल के अवसर पर
मैं फिर से सारे दोस्त,सारे रिश्तेदार व सबसे महत्वपूर्ण मेरे फौजी भाइयों व बहनों को होली की ढेर सारी शुभकामनाएं दिल से देता हूँ।ईश्वर से यही प्रार्थना करता हूँ कि आप सभी लोगों की सारे मनोकामनाएं पूर्ण हो।।ईश्वर सदा आपका सही मार्गदर्शन करें।

धन्यवाद

।।जय हिंद।।

।।जय भारत।

और फिर से
होली की दिल से सभी भारतीयों को ढेर सारी शुभकामनाएं।

सुशील कुमार

।।एक नई क्रांति की ज़रूरत है भारत को।।
।।राष्ट्रवाद की क्रांति।।

सुशील कुमार
Holi

Holi

हैप्पी होली।।

Written by sushil kumar

हमारा चौकीदार चोर है??

हमारा चौकीदार चोर है??

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हमारा चौकीदार चोर है
बाकी सारे ईमानदार हैं।
पाँच सालों में कोई घोटाला नहीं हुआ।
फिर भी हमारा चौकीदार चोर है।
विरोधी देशों की नींदें हराम हो गईं हैं।
फिर भी हमारा चौकीदार चोर है।
आज जब हम अपने दुश्मनों को
ईंट का जवाब पत्थर से दे रहे हैं।
फिर भी हमारा चौकीदार चोर है।
आज सारा विश्व भारत के साथ खड़ा है।
फिर भी हमारा चौकीदार चोर है।
आज अभिनंदन हमारा
सही सलामत देश वापस लौट आ रहा है।
फिर भी हमारा चौकीदार चोर है।
आज कालेधन पर चोट हुई है।
फिर भी हमारा चौकीदार चोर है।
आज अपनी जी डी पी 7.7% पर है।
फिर भी हमारा चौकीदार चोर है।
आज अपना देश आगे बढ़ रहा है।
फिर भी हमारा चौकीदार चोर है।
आज सभी वर्गों का विकास हो रहा है।
फिर भी हमारा चौकीदार चोर है।
आज सारे भ्रष्ट विरोधी दलों को
एक साथ खड़ा होना पड़ रहा है।
फिर भी हमारा चौकीदार चोर है।
आज हम सारे देशवासी
अपने चौकीदार के साथ खड़े हैं
फिर भी हमारा चौकीदार चोर है।
Kavita

 written by sushil kumar @ kavitadilse.top

बहुत सह लिया है हमने

बहुत सह लिया है हमने

kavitadilse.top द्वारा आपस अभी पाठको को समर्पित है।
hindi patriotic shayari


बहुत सह लिया है हमने
खून की नदियां बहा दी तुमने।
पूरा भारत रो रहा है आज
बिजली कड़क रही है उनके हृदय में।

hindi patriotic shayari

क्या गुनाह किया था उन जवानों ने
जो तुमने ले ली उनकी जान।
बेगुनाहों का खून बहाकर
आज तुम्हारे रूह को मिली होगी आराम।
hindi patriotic shayari

आँखो में चिंगारी है
दिल में भी आक्रोश है।
सभी गद्दारो को भस्म करने को
मन मे हुआ विस्फोट है।
hindi patriotic shayari

उथल पुथल सा मच चुका है।
भावनाओ का बवंडर है जोर पर।
कहीं सारा पाकिस्तान ना मिट जाए।
हमारी जलती क्रोध में।

जय हिंद।।
जय भारत।।

Written by sushil kumar @kavitadilse.top



हम नहीं थमने वाले

हम नहीं थमने वाले

Kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।

Shayari


हम नहीं थमने वाले
ना ही अब हम झुकने वाला।

बहुत हो गई गांधीगिरी
सुभाष बनने का समय आ गया।

खून के एक एक कतरे का हिसाब
लेने का समय आ गया।

वो दुखियारी बेबस माँ की
आँखों से बहती आँसुओ की कसम है।

वो उन शहिदों के परिवारो के आँखो से
बहते सैलाब की कसम है।

हम नही थमेंगे
ना ही अब हम झुकेंगे।

जब तक देश में छिपे गद्दारों का सर
धड़ से अलग ना कर देंगे।

चिंगारी जो भड़की है
अब नहीं वो बुझेगी।

जब तक सारे आतंकियो के भस्म को
महासागर में ना बहा देंगे हम।

जय हिंद।।
जय भारत।।
Shayari,kavita


Written by sushil kumar @ kavitadilse.top

वतना मेरे वतना वे।

वतना मेरे वतना वे kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। वतना मेरे वतना वे तेरा इश्क़ मेरे सर चढ़ चढ़कर बोल रहा है। एक जन्...