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8 Nov 2019

अजब प्रेम की गजब शायरी।

Shayari

अजब प्रेम की गजब शायरी।

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जब तलक था जिंदा
तेरे चक्कर में ना जाने कहाँ कहाँ
भटकता रह गया।
आज मिट्टी में मिल जाने के बाद भी
एक खुशबू बन
तेरे जुल्फों में कैद होकर रह गया।

मुझे नहीं था पता
मेरी रूह कब की
तेरे रूह से जुड़ चुकी थी।
आज चोट तुझे लगती है
दर्द असहनीय मेरा हो जाता है यहाँ।

इसलिए कहता हूँ
जरा संभल कर चला कर
जीवन के पथ पर।
रस्ते में पड़े हुए हैं
छोटे बड़े कंकर।
वरना मेरे मरने की सिलसिलों में
नहीं आएगी कभी कमी।
जितनी बार चोट तुझे लगेगी
उतनी बार मौत आएगी मेरी।

Written by sushil kumar
Shayari

1 Nov 2019

बेपनाह मोहब्बत।

Shayari।

बेपनाह मोहब्बत।

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तुझसे बेपनाह मोहब्बत जो करता हूँ
तू रहे कहीं भी
तेरे मौजूदगी को सुनता हूँ।

मैं साँस ले रहा हूँ
आज जो यहाँ पर।
तेरा दिल जो धड़क रहा है
आज इस जहाँ में।

मेरे जीवन की पतंग
तेरे साँसों से जुड़ी है।
तू जो वहाँ हँसी है
मेरा हृदय खिल उठा है।

कभी भी तू नैनो से अपने
अश्रु ना बहाना।
मेरा दिल कहीं बैठ ना जाए
तेरे सिसकियों के आहट से।


Written by sushil kumar
Shayari

25 Oct 2019

बेवफा:-मन से भले निकाल दिया है तुझे कब से।

Shayari

बेवफा:-मन से भले निकाल दिया है

तुझे कब से।

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मन से भले निकाल दिया है
तुझे कब से।
पर दिल को अभी भी कुछ उम्मीद बाकी है।
एक छोटी सी खुफिया जगह छुपाकर दुनिया से
ना जाने से कब से बचाकर रखी है।

मुसाफिर बहुत आए
और चले गएँ।
कुछ तो किराए पर चाहे
लेने को मेरा आशियाना।
पर कहाँ मान रहा था
मेरा दिल ये दीवाना।

बेवफा से वफ़ा की जो
लौ जगाकर रखी है।
दिल तो बड़ा ही पागल है
कहाँ किसी की सुनता है।
अभी भी एक आस
दिल ने जगाकर रखी है।
मेरा बेवफा मेहबूब
भूले भटके
कहीं वापस
मेरे घोसले पर ना आ जाए।


Written by sushil kumar
Shayari

तेरे हक का है तो छीन लो।

Shayari तेरे हक का है तो छीन लो। kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। अपने हक के लिए तुम्हें आवाज खुद उठाना होगा। आए...