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12 Nov 2017

हिम्मते मर्दा मददे खुदा।

आज हिन्दुस्तान की हालत यौन शोषण में बहुत खराब है।हर दो में से एक महिला यौन शोषण की शिकार है।किसी का बचपन में यौन शोषन हुआ है,तो किसी का जवानी में।आपको ये भी जानकर हैरानी नहीं होगी कि उनमें से केवल पचास फीसदी महिला ही ऐसी हैं, जिनकी यौन उत्पीड़न की जानकारी समाज में पता चल पाया है।और ये जानकर आपको और भी ताज्जुब होगा,कि उनमें से केवल पचास फीसदी ही हैं,जो थाने में जाने की हिम्मत दिखाती हैं,और एफआईआर करवाती हैं।
      अब आप ही बताइए कि हमारी हालत कितनी बदतर है।
ऐसी ही एक कहानी मैं आपके लिए लेकर आया हूँ।रानी नाम की एक महिला नई नई शादी होकर हमारे मुहल्ले में रहने के लिए आई थी।पहला एक महीना सब कुछ शांति प्रिय था,उस घर में,लेकिन एक महीने बाद हर दिन कुछ ना कुछ कारन से चिल्लाने और चीखने की आवाजें आने लगी।कभी राजू भैया का चीखने का आवाज आता,तो कभी रानी भाभी का आवाज आता।कुछ लोग जो उनके आस पास रहते थे,वो बताते थे,कि राजू शाम में जब काम करके आता है,तो रानी से जबरदस्ती करता है।
        रानी भाभी दिन में कभी किसी से मिलती नहीं थी।और दिन में जब राजू भैया काम पर जाया करते थे,तो बाहर से ताला लगा करके जाया करते थे।फिर किसी पड़ोसी ने मानव कल्याण हित में काम करने वाले एन जी ओ को फोन कर दिया।एन जी ओ वाले रात में पुलिस लेकर,घर पहुँच गए।
       पर पता नहीं क्यों रानी भाभी राजा भैया के खिलाफ एक लब्ज भी नहीं बोला और उन्हें बचा लिया।
       उस दिन के बाद राजू भैया और भी उग्र हो गएँ।और हर दिन रानी भाभी के साथ गालीगलौज और जबरदस्ती करने लगे।फिर एक रात रानी भाभी बिच रात में ही घर से निकलकर थाने पहुँच गई, और एफआईआर दर्ज करवाई।और जो पुलिस को पता चला,वह चौकाने वाला था।
        रानी के पिता जमुनादास गरीब किसान थे।बहुत मुश्किल से उसका घर चलता था।कुछ साहूकारों से उन्होंने पैसा ले रखा था।और बेटी भी जवान हो चली थी।अब उसकी शादी की फिक्र जमुनादास को सताने लगी थी।
राजू भैया,गाँव में उसके पड़ोसी हुआ करते थे।वो रानी की खुबसूरती पर बचपन से ही लट्टू थे।राजू भैया ने एक दिन मौका पाते ही रानी से अपनी शादी की बात करली।रानी ने एक दिन का समय माँगा।राजू भैया मान गए।फिर अगले दिन मिलने पर रानी ने शादी के लिए राजू भैया के सामने एक शर्त रख दी।शर्त यह थी,कि अगर राजू उनके पिता द्वारा साहूकार से लिए कर्जे से मुक्ति करवा देता है,तो वह शादी करने के लिए तैयार है।राजू भैया मान जाते हैं।और जमुनादास के द्वारा लिए गए सारे कर्जे को चुकता कर,रानी से ब्याह कर शहर ले आता है।
       और इसी उपकार के बदले रानी भाभी ने राजू भैया को जैल जाने से बचा लिया था।और राजू भैया को लगा,कि रानी भाभी के साथ कुछ भी करलो,वह आवाज उठाने वाली नहीं है।वह डरी हुई है।और उसके बाद राजू भैया का अत्याचार और भी बढ़ गया।और जब भाभी से सहा नहीं गया,तो रात के बिच में ही उठ कर थाने पहुँच गई,एफआईआर करने के लिए।
       और आज राजू भैया जैल में सजा काट रहे हैं।
       रानी भाभी गाँव में अपने पिता के काम में मदद कर रही है,और साथ में एक एन जी ओ में भी योगदान दे रही है।आज वह हर औरत के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई हैं।
अत्याचार करने वाले से अत्याचार सहने वाला दोषी होता है।

तेरे हक का है तो छीन लो।

Shayari तेरे हक का है तो छीन लो। kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। अपने हक के लिए तुम्हें आवाज खुद उठाना होगा। आए...