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3 Mar 2018

पति देव ,माफ कर दीजिए ना ।।

धर्मपत्नी अपने रूठे पति देव को मनाने के लिए,एक पंक्ति के माध्यम से अपनी मन की व्यथा को व्यक्त करते हुए।

पति देव ,माफ कर दीजिए ना ।।

कल जो गलती हो गई ,भूल जरा सी  बड़ी हो गई ।।         
पर इतना भी ना सताइएना ।। 
कृपा कर माफ कर दीजिए ।।
पति देव माफ कर दीजिए ना ।।

पति भी पंक्ति में जवाब देता है:

हम बहुत छोटे प्राणी है देवी।।
हमसे माफी माँग,हमें लज्जा ना करें।।
कल की त्रुटि की सजा,क्या आप देंगें आज हमें।।
स्त्री बन जब हमने,सोचा था कल रात में।।
तब हमें लगा,क्या किया था,आपके साथ अनर्थ हमने।।
सुबह से शाम हो जाती है आपकी,सबकी ख्याल रखते रखते।।
और फिर नई नई फरमाईश लेकर कोई आ जाए आपके सामने।।
जाहिर है गुश्शा तो आएगा ही,
हम जानवर नहीं,मनुष्य योनि में जो हैं ।।
हमारे दिल में आपके लिए हो गया है प्यार और इज्ज़त में इजाफा।।
अब आपका ख्याल रखेंगे हमेशा,और नहीं करेंगे कभी कोई गुस्ताखी।।

तेरे हक का है तो छीन लो।

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