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28 Oct 2019

Maa baap kabhi nahin badalte hain.

Shayari

माँ बाप कभी नहीं बदलते हैं।

kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।

रिश्तों में दरारें आ जाती हैं
रिश्तों को संवारने में।
माँ बाप बेटे से दूर हो जाते हैं
बहु को बेटे से करीब लाने में।

पतंग जिसे बुलन्दी की ऊँचाइयों को छुआया है
आज किसी और को
उसकी बागडोर थमा
माँ बाप आगे चले जाते हैं।

पर आज भी वो
अपने लाडले के लिए
रब से उसकी खुशियों के लिए
गुहार लगाते ही रहते हैं।

भले दुनिया इधर से उधर हो जाए
पर माँ बाप
अपने बच्चे के लिए
अपना दिल का द्वार
सदा खुला रखते हैं।





rishton men daraaren aa jaati hain

rishton ko sanvaarne men।

maan baap bete se dur ho jaate hain

bahu ko bete se karib laane men।


patang jise bulandi ki unchaaeyon ko chhuaayaa hai

aaj kisi aur ko

uski baagdor thamaa

maan baap aage chale jaate hain।


par aaj bhi vo

apne laadle ke lia

rab se uski khushiyon ke lia

guhaar lagaate hi rahte hain।


bhale duniyaa edhar se udhar ho jaaa

par maan baap

apne bachche ke lia

apnaa dil kaa dvaar

sadaa khulaa rakhte hain।



Written by sushil kumar
Shayari

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