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18 Feb 2018

क्यों नहीं तुमसे प्यार हो सकता है?

जो तुम हो जरा नकचढ़ी,और रहती हो गुश्शे में हर घड़ी।
और इतना इठलाती हो,और जब भाव जो खाती हो।
 तुम्हारी अदाओं के तीर से,दिल छलनी हो जाता है।
पर क्या करूँ इस दिल का,जो तुमपे मरता है।।
जो तुम ना हो साथ,तो ये दिल तड़पता है।
क्यों नहीं तुमसे प्यार हो सकता है।
सकता है।
क्यों नहीं तुमसे प्यार हो सकता है।

जो तुम्हारी फरमाईश हो,तो चाँद को ले आऊँ।
चाँद क्या जो तुम बोलो तो सूरज को भी खींच लाऊँ।।
तुम्हारे चेहरे पे खुशी की झलक पाने को,
मैं कोई भी हद पार कर जाऊँ।।
जो तुम ना हो साथ,तो ये दिल तड़पता है।
क्यों नहीं तुमसे प्यार हो सकता है।
सकता है।
क्यों नहीं तुमसे प्यार हो सकता है।
दिल बेचारा तुम्हारे प्यार में धड़कता है।
धड़कता है।
क्यों नहीं तुमसे प्यार हो सकता है।




जितनी बार मैं तेरे करीब आया

Shayari जितनी बार मैं तेरे करीब आया kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। जितनी बार मैं तेरे करीब आया उतनी बार दिल म...