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13 Mar 2017

जंगल का राजा।

किसी जंगल में एक शेर राज किया करता था।उसके राज्य में हर जगह शांति और खुशहाली फैली हुई थी।उसके फैसले भी सदा न्याय पूर्वक ही रहा करते थे।सारी जंगल की प्रजा,उनके राजा से अत्यधिक प्यार करते थे।

       फिर समय बिता,और इस जंगल के राजा और जंगल की खुशहाली भरा जीवन की खबर दूर दूर तक पहुँच गई।सभी जगह इस जंगल के चर्चे छाए हुए थे।

      कुछ जंगल के राजा तो उस जंगल को हथियाना चाहते थे।पर वह जंगल तीन तरफ से प्राकृतिक संरचनाओं से घिरी पड़ी थी।
     उत्तर में पहाड़ और पूर्व और दक्षिण में नदी।बचा पक्षिम, तो पक्षिम में पूरे तरीके से चोकसी बढ़ा कर रखी हुई थी।
     तभी खबर आई कि पक्षिम में हमला हुआ है।वहाँ तैनात सैनीकों ने हमले का करारा जवाब दिया और दुश्मनों को खदेड़ कर भगाने में सफल हुए।
      उस हमले में कुछ सैनीक शहीद हुए,उन सैनीकों के परिवार को पर्याप्त मुआवजा दिया गया,साथ ही उस शहीद सैनीक को मरनोप्रांत वीर सम्मान,(जो उस राज्य का सबसे बड़ा सम्मान था) से सम्मानित किया गया।
       राजा ने नया कानून बनाया,और ऐलान किया कि,आज से हमारे सीमा पे जो  भी सैनीक तैनात रहेंगे,उनके परिवार का खर्चा राज्य उठाएगा।और सैनीकों की वेतन में हर वर्ष ढेड़ गुणा बढ़ोत्तरी की जाएगी।
       ऐसी खबर सुनते ही सैनीक की भर्ति में तेजी से इजाफा हुआ। राज्य और भी शक्तिशाली और सुदृढ़ हो गया।
        उस शेर राजा को समझ आ गया थी,कि अगर राज्य में शांति और खुशहाली बरकरार रखना है,तो उसके लिए हमारी सीमा को और भी मजबूत बनाना पड़ेगा,ताकि हमारी अजादी बरकरार रहे।वरना हमारी अजादी और मन की शान्ति दोनो खतरे में आ जाएंगे,और हमारी जनता भी तकलीफ में आ जाएगी।

तेरे हक का है तो छीन लो।

Shayari तेरे हक का है तो छीन लो। kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। अपने हक के लिए तुम्हें आवाज खुद उठाना होगा। आए...