5 Nov 2019

हारकर हार जाना नहीं सीखा है हमने।

Shayari

हारकर हार जाना नहीं सीखा है हमने।

kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।






हारकर हार जाना नहीं सीखा है हमने।
कामयाबी के लिए लड़ते रहना
है मेरे जज्बे में।

माना आज मैं हारा हूँ
नहीं खड़ा हो पाया उनके कसौटी पर।

जिन गढ्ढो के वजह से गिरा हूँ
उसे भर
फिर उठूँगा आगे बढ़ने को।

ऐसे गढ्ढे बहुत मिलेंगे
जीवन के हर कदम पर।

पर जो थम गएँ हम आज
नहीं पा पाएँगे
अगली सुबह
अपनी मंजिल को।
Never give up

इसलिए चलो
चलते चलो।
गढ्ढे मिलेंगे
तो गिरोगे!
चोट भी लगेगी।
पर उससे कुछ सबक भी सीखोगे।
और तुम स्वयं को
अपनी मंजिल से
और भी निकट पाओगे।
फिर से एक नया जोश
नई ऊर्जा के साथ
अपना कदम पुनः बढ़ाओगे।
और उन गलतियों को दुबारा नहीं दुहराओगे
जिसके वजह से तुम गिरे थे।
सो गिरने का मजा लो।
गिरोगे तभी तो सम्भलोगे।
और आखिरकार
अपनी मंजिल को तुम पा लोगे।
और एक नया इतिहास रचोगे
जिसे पढ़कर लोगों में
कुछ कर गुजरने की
नई प्रेरणा जागेगी।
Never give up


Written by sushil kumar
Shayari

No comments:

जितनी बार मैं तेरे करीब आया

Shayari जितनी बार मैं तेरे करीब आया kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। जितनी बार मैं तेरे करीब आया उतनी बार दिल म...