19 Oct 2019

मैं रहूँ ना रहूँ

Shayari

मैं रहूँ ना रहूँ

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Lover

मैं रहूँ ना रहूँ
तुम मेरे इश्क़ को
कभी भी भूला ना पाओगे।
एक छोटी सी बात पर
जो तुम रूठ गए हो।
मुझे देखकर भी
जो तुम मुझे नहीं देखने का
जो अभिनय कर रहे हो।
तुम्हें देना होगा ऑस्कर
तुमसे अच्छा नहीं मिलेगा
यहाँ कोई एक्टर।
Sad

पर इतना क्यों तुम ऐतरा रहे हो?
मेरी छोटी सी भूल पर
मुझपर क्यों
सितम पर सितम ढा रही हो।
अब आगे से नहीं होगी
ऐसी कोई गलती।
अब माफ भी करदो ना
आजाओ!
फिर से करलो हमसे दोस्ती।
Alone

जो तुम ना मानोगी तो
मैं चला जाऊँगा
तुमसे बहुत दूर।
और लाख बुलाने पर भी
जब मैं नहीं आऊँगा
तुम्हारे पास।
तुम रोओगी, गिड़गिड़ाओगी
और सिसक सिसक के
अपने आँसू भी बहाओगी।
पर तुम्हारे अश्रु पोंछने को
नहीं रहूँगा मैं तुम्हारे पास।
तुम हाथ मलते रह जाओगी
जिंदगी भर
मेरे याद में
सारे दिन और सारी रात।
Alone

Written by sushil kumar

Shayari

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