17 Oct 2019

फकीरी टशन।

Shayari

फकीरी टशन।

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हे मौला!
मेरी ख्वाहिश कुछ ज्यादा नहीं है
बस एक आखिरी मुराद मेरी पूरी कर दे।
किसी जरूरतमंद के काम में आ जाऊँ
मुझे उस लायक तो बना दे।

जिया हूँ जबसे
बस मैं जिया हूँ।
हर किसी से हर बार
बस मैं लिया हूँ।
देने की बारी जब भी आई है
हाथ मैं अपना
हमेशा खाली पाया हूँ।

नहीं !
मैं ऐसा नहीं बोलता कि
मुझे तू अम्बानी बना दे।
ना ही मेरी तू
गरीबी हटा दे।
मैं तो चंगा हूँ
अपनी फकीरी में।
ईश्वर तेरी मुझपर
विशेष मेहर जो हुई है।

कुछ ज्यादा नहीं माँगता हूँ
सुन मेरे परमेश्वर।
मुझे बस तू कम से कम
इस लायक तो बना दे।
कि जब कभी भी आए
मेरे दर पर कोई याचक।
झोली भर दूँ उसकी
खुश होकर जाए वह
घर से।







Written by sushil kumar

Shayari

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