14 Sep 2019

Ae dost

Shayari

ए दोस्त।

kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।




ए दोस्त
कभी भी किसी से
दिलोजान से प्यार ना करना।
जो प्यार जो करना
तो रब से ये फरियाद जरूर करना।

कि जो ऐसा प्यार
तूने मेरे झोली में जो डाली है।
लख लख शुक्र है तेरा
जो तेरी छवि
मेरे महबूब में नज़र आई है।

बस एक आखिरी दुआ
मेरा कबूल करले मेरे मौला तू।
कभी भी मुझे उससे
जुदा करने की ना सोचना तुम।
वरना वो पल
आखिरी क्षण होगी मेरे जीवन की।
जिस दिन रुख्सत होगी
मेरे दिल से जान मेरी।









aye dost

kabhi bhi kisi se

dilojaan se pyaar naa karnaa।

jo pyaar jo karnaa

to rab se ye phariyaad jarur karnaa।


ki jo aisaa pyaar

tune mere jholi men jo daali hai।

lakh lakh shukr hai teraa

jo teri chhavi

mere mahbub men njar aai hai।


bas ek aakhiri duaa

meraa kabul karle mere maulaa tu।

kabhi bhi mujhe usse

judaa karne ki naa sochnaa tum।

varnaa vo pal

aakhiri kshan hogi mere jivan ki।

jis din rukhsat hogi

mere dil se jaan meri।

Written by sushil kumar

Shayari

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