25 Sep 2019

Samana karna sikho

Shayari

सामना करना सीखो।

kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।


मैं स्वयं के सवालों में कुछ ऐसा जा घिरा।
मानो अभिमन्यु कौरवों के चक्रव्यूह में जा फँसा।
हर सवाल मेरे अस्तित्व को था झकझोर रहा।
मेरी परछाई भी मेरा साथ मानो था छोड़ रहा।
पर मैं भी अपने जिद्द पर अडिग खड़ा रहा।
हर चुनौती को मैने सहज स्वीकार किया।
आज जो मैं डरकर कहीं छुप भी गया।
कल मैं स्वयं से नज़र कैसे मिला पाऊँगा??






main svayan ke savaalon men kuchh aisaa jaa ghiraa।

maano abhimanyu kaurvon ke chakravyuh men jaa phnsaa।

har savaal mere astitv ko thaa jhakjhor rahaa।

meri parchhaai bhi meraa saath maano thaa chhod rahaa।

par main bhi apne jidd par adig khdaa rahaa।

har chunauti ko maine sahaj svikaar kiyaa।

aaj jo main darakar kahin chhup bhi gayaa।

kal main svayan se njar kaise milaa paaungaa??



Written by sushil kumar

Shayari



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