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३७० धारा से आज़ादी।सम्पूर्ण भारत की पूर्ण आज़ादी।

३७० धारा से आज़ादी।सम्पूर्ण भारत की पूर्ण आज़ादी।

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370


क्या बताएँ !
आज एक बार फिर से
देश की जय जयकार करने को
दिल कर रहा है।

क्या बताएँ !
आज एक बार फिर से
देश के लिए अभिमान करने को
दिल कर रहा है।

जय हिंद तो बस एक अभिव्यक्ति है
पर अनगिनत सलामी
और अनगिनत नमन
एक सैलाब बन
आज भारत माँ के चरण को अनगिनत बार स्पर्श करने
दिल मचल रहा है।

ऐसा लग रहा है
कि आज इस मिट्टी के गुलाल में रंग कर
एक हो जाऊँ।
उस मिट्टी में समा जाऊँ।

आज लाखों शहीदों की कुर्बानी की
जीत का दिन है।
उनकी फतह के जश्न का दिन है।
आज भारत माँ का
अपने सपूतो पर गर्व करने का दिन है।

भले देश आजाद हो गया था हमारा
उन्नीस सौ सैंतालीस में।
पर भारत माँ के शीश पर पर ३७० धारा लगा
एक घिनौनी राजनीति रचाई थी
कुछ गद्दारों ने।

कितने सपूतो की कुर्बानियों की वजह से
आज ये दिन हम देख पाए हैं।
हमारे वीर मोदी और शाह ने
ये करिश्माई कारनामा कर दिखाए हैं।
यही अच्छे दिन देखने को इन्हें हम
सत्ता में लेकर आए हैं।

बहुत जगह कुछ गद्दारो ने
अपने फन भी उठाए हैं।
पर कोई बात नहीं
आज भोंक लो
जितना भोंकना है।
आने वाले दिनो में
तुम्हारी तेरहवी की तैयारी है।


Written by sushil kumar

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