2 Jul 2019

Satya ki khoj mein

Shayari

सत्य की खोज में।

kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।



मेरी हैसियत नहीं
कि सभी के दिलों तक
अपनी बातों को पहुँचा पाऊँ।
जो किसी भी एक व्यक्ति के
हृदय की गहराई को जो छू पाऊँ।
तो मैं इस संसार में आने का
अपने मकसद को पूर्ण पाऊँ।

आना जाना इस मिथ्या संसार में
सभी का लगा रहता है।
कुछ बहुत कम मेहनत कर
बहुत कुछ पा लेते हैं।
तो कुछ के ऐड़ी घिस जाते है
फिर भी मंजिल तक पहुँच नहीं पाते हैं।

ऐसा अगर है
फिर तो कोई मेहनत ही करना छोड़ देगा।
पर अगर असली सत्य की खोज में जाओगे
फिर बात कुछ और ही निकलेगी।
पिछले जन्म में अच्छे कर्म और
कड़ी मेहनत जिसने की है।
जो मंजिल के पहुँचते पहुँचते
देह अपना वो त्याग गया था।
इस जन्म में थोड़ी मेहनत में ही
अपना मंजिल वो हासिल कर लेगा।

इसलिए किसी ज्ञानी ने
बहुत सत्य ही कहा है।
बन्दे फल की चिंता छोड़
बस तू अपना कर्म किए जा।




meri haisiyat nahin

ki sabhi ke dilon tak

apni baaton ko pahunchaa paaun।

jo kisi bhi ek vyakti ke

hriaday ki gahraai ko jo chhu paaun।

to main es sansaar men aane kaa

apne makasad ko purn paaun।


aanaa jaanaa es mithyaa sansaar men

sabhi kaa lagaa rahtaa hai।

kuchh bahut kam mehanat kar

bahut kuchh paa lete hain।

to kuchh ke aidi ghis jaate hai

phir bhi manjil tak pahunch nahin paate hain।


aisaa agar hai

phir to koi mehanat hi karnaa chhod degaa।

par agar asli saty ki khoj men jaaoge

phir baat kuchh aur hi niklegi।

pichhle janm men achchhe karm aur

kdi mehanat jisne ki hai।

jo manjil ke pahunchte pahunchte

deh apnaa vo tyaag gayaa thaa।

es janm men thodi mehanat men hi

apnaa manjil vo haasil kar legaa।


esalia kisi jyaani ne

bahut saty hi kahaa hai।

bande phal ki chintaa chhod

bas tu apnaa karm kia jaa।



Written by sushil kumar

Shayari

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