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हम अभी हैं।

हम अभी हैं।

kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।


वो हमारा प्रिय है
उसे और न परेशान करे।
खुश रहे हम सदा
उसकी भी खुशहाली का सदा ध्यान रखें।
दिन भर की थकान ले
घर पर जब वो वापस आए।
प्यार से उससे बर्ताव करे
उसके काम काज के तनाव का निदान करे।

हम अभी हैं
अगले क्षण हो ना हो।
जीवन की डोर कहीं हमसे छूट ना जाए।
और अगले क्षण हमारे प्रियजन
अंधेरे में जीने को बेबस ना हो पाएँ।

क्योंकि
हर कोई जी रहा है
तनाव को पी रहा है।
जूझ रही है जिंदगी हमारी
लड़ रही है हर साँस लेने को।
खुशी की तलाश में
भटक रहे हैं इधर उधर।
पर हर जगह तनाव ही तनाव
चैन की साँस कोई ले तो ले कहाँ??

इसलिए
हमारी जिम्मेवारी
और भी बढ़ जाती है यहाँ।
कहीं हमसे हमारे प्रियजन कोई
तनाव में  हमसे दूर ना हो जाए।
सो खुश रहता हूँ मैं सदा
और प्रियजनों को भी खुश रखने की चेष्टा
करता हूँ यहाँ।

Written by sushil kumar

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