Email subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

किसी अपने के साथ अगर जो हो,तो सारा तनाव,सारा दुख कोई भी झेल जाएगा।

किसी अपने के साथ अगर जो हो,तो सारा तनाव,सारा दुख कोई भी झेल जाएगा।

kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।




ऐसा क्यों अभास हो रहा है
कि मैं खुद को खोता सा जा रहा हूँ।
जिम्मेदारियों के बोझ तले मेरा भविष्य
मानो सिकुड़ता सा जा रहा है।
बहुत दबाव झेला हूँ मैं
और आज भी झेलता सा जा रहा हूँ।
दुख के पहाड़ को हृदय में छुपाए
चेहरे पर तनाव ना आने दे रहा हूँ।
किसको सुनाऊँ मैं अपनी व्यथा
और किसके दुख को मैं बढ़ाऊँ।
सभी पहले से ही परेशान दिख रहे हैं
और किसे अपना बोझ दे,चैन की सांस पाऊँ।
मेरा बोझ मुझे ही ढोना होगा
किसी और के पास मैं क्या जाऊँ।
कल भी झेला था
आज भी झेल लूँगा
जो किसी अपने का प्यार और ढाढस पाऊँ।

Written by sushil kumar


No comments:

तुम लिखो कुछ ऐसा

तुम लिखो कुछ ऐसा kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। तुम लिखो कुछ ऐसा जिससे शांत सरोवर की शिथिल लहरों में एक उफान ...