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मैं इतना अभागा क्यों हूँ

मैं इतना अभागा क्यों हूँ

kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।


मैं इतना अभागा क्यों हूँ
मेरे ईश्वर।
जिन्हें चाहा
उन्होंने ही किए हैं
मेरे दो हिस्से।

एक छोटा सा परिवार था
बस एक छोटी सी तो आशा रखी थी
मेरे दिल में।
मिलकर रहेंगे
एक दूसरे के गम को सहेंगे।

पर पता नहीं
तुझे मेरे खुशियों से जलन क्यों हो गई।
जिंदा रहते
तूने मुझे नर्क में क्यों धकेल दिया
मेरे परमेश्वर।

Written by sushil kumar

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