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तेरी किस्मत तेरे हाथ में है।

तेरी किस्मत तेरे हाथ में है।

kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।



मैं चला जा रहा था अकेले,झुंझलाते हुए खुद से।
कभी खुद को समझाते हुए,तो कभी खुद को कोसते हुए।
कुछ कदम जो उठाए थे हमने
सटीक निशाने पर नहीं पड़े थे।
जिंदगी यही तो है
कभी उतार है तो
कभी चढ़ाव है।

अब बीते हुए समय में
कुछ ना पा पाने की झुँझलाहट से
वर्तमान को बर्बाद कर देना
कहाँ तक सही है।
भले पिछली कोशिश नाकामयाब रही हो
पर प्रयास तो भरपूर करी थी हमने।
और आने वाले समय में भी
मैं पूरा दम खम लगाकर देखूँगा
कि कब तक मेरी किस्मत
मुझसे मुँह फेरकर रह सकेगी।

हर परिणाम को जो सहज स्वीकार करना सीख लेता है
वही जीवन में उच्चतम से उच्चतम स्थान पर पहुँच पाता है।
क्योंकि उसे पता है कि
अगली बार वो अपने लक्ष्य को पा ही लेगा।
और अपने समय को बदल लेगा।
और वैसे ही लोग हर परिस्थिति में खुश रह पाते हैं।

Written by sushil kumar


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तेरी किस्मत तेरे हाथ में है।

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