22 Jun 2019

Kabhi chale the sath sath

Shayari

कभी चले थे साथ साथ।

kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।




कभी चले थे साथ साथ
आज राह बदल गए हैं।
मंजिल बदल गई है
अपना पड़ाव बदल गया है।

कुछ लम्हें वो मीठे पलों के
जो उनके साथ में बिताए थे।
कुछ गुदगुदाने वाले
तो कुछ रुलाने वाले
मैं अपने संग ले आया हूँ।
उन खट्टे मीठे एहसास के क्षणों को
अपने कांख में दबा लाया हूँ।

जो याद आएगी कभी उनकी
कभी अश्रु की धारा जो नहीं रुकेगी।
खोल लूँगा अपनी यादों के पटों को
कुछ देर तो उनकी आघोष में जी लूँगा।
कुछ देर ही सही
पर अपने जीवन के कुछ पल
तो जी लूँगा।

जी लूँगा!
जी लूँगा!
अकेला जी लूँगा!









kabhi chale the saath saath

aaj raah badal gaye hain।

manjil badal gayi hai

apnaa pdaav badal gayaa hai।


kuchh lamhen vo mithe palon ke

jo unke saath men bitaaa the।

kuchh gudagudaane vaale

to kuchh rulaane vaale

main apne sang le aayaa hun।

un khatte mithe ehsaas ke kshnon ko

apne kaankh men dabaa laayaa hun।


jo yaad aaagi kabhi unki

kabhi ashru ki dhaaraa jo nahin rukegi।

khol lungaa apni yaadon ke paton ko

kuchh der to unki aaghosh men ji lungaa।

kuchh der hi sahi

par apne jivan ke kuchh pal

to ji lungaa।


ji lungaa!

ji lungaa!

akelaa ji lungaa!


Written by sushil kumar

Shayari

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