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मोदी है! तभी हम सभी हैं।।

मोदी है! तभी हम सभी हैं।।

kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।।

India

मन में एक आक्रोश था
दिल में भी बड़ा कोप था।
कब बदलेगा समय हमारा
ये सोच सोच
मन शोक में था।

दिल के धड़कन से तेज़ हमारे
मन में ये विचारों की लहर उफनते थे ।
अगले पल
फिर कौन सा कारनामें(भ्रस्टाचार)
हमारे सरकार के देखने को मिलने हैं।
क्या यही दिन देखने को हमने
इन्हें वोट दे जिताए थे।

रोज सैनिक हमारे शहीद हो रहें थे
जनता आतंकवाद और महंगाई के चपेट में थी।
पर सरकार सोई थी अपने किसी दुनिया में
भ्रस्टाचार के नए आयाम जो पाने थे।
सिर झुका था हम सभी का
डर डर के सभी जी रहे थे।
शोध होता था अपने यहाँ
पर परीक्षण
विरोधियों के सहमति से करते थे।
आजादी पाए पचास वर्ष हो चले थे
पर हमारी सोच अभी भी
जंजीरों से जकड़े थे।

फिर हम सब ने उठाई एक क्रांतिकारी कदम
बदल कर रख दिए
सरकार को हम।
आज हमें नहीं है
अपनी करनी पे कोई पछतावा।
क्योंकि देश आज बदल रहा है
और बढ़ाया है सुनहरे पथ पर कदम।
हर क्षेत्र में एक लहर सी दौड़ पड़ी है
और हर भारतीय इस विकास के दौर में
एक नया आयाम पाने को उत्सुक है।
हर किसी के दिल में है शांति
और मन में है एक दृढ़ विश्वास।
देश की प्रगति के लिए
हम सभी बढ़ाएँगे अपना हाथ।

शीश अपना गर्व से आज ऊँचा है
छाती भी अपनी छप्पन इंच चौड़ी है।
विरोधी देशों के दिल मे ख़ौफ़ है
क्योंकि अपना तिरंगा आज
सारे विश्व में
शान से  बेख़ौफ़ तैर रहा है।

मोदी है तो मुमकिन है।।
मोदी है! तभी हम सभी हैं।।

Namo


Written by sushil kumar



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