12 Apr 2019

Safalta haasil karne ki zidd.

Shayari

सफलता का मूल मंत्र।।

kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।


तकदीर पर विश्वास कर
आसमान की बुलन्दी को स्पर्श कर पाना
असंभव है।

असफलता की झड़ी से घबराकर
सन्तुष्टि के छतरी के छाँव में आकर
सफलता हासिल कर पाना
नामुमकिन है।

अरे इसमें क्या मजा
कि किनारे में बैठ हम
सफलता के लहरों का
हमारे पैर के छूने का इंतज़ार करें।

मजा तो तब है
जब सफलता पाने को
जीवन के मझधार में
हम छलाँग लगा दे।

और लहरों से उलझ कर
अपनी सफलता को हासिल करें।

और अपनी ज़िद्द को पूरी करें।











takdir par vishvaas kar

aasmaan ki bulandi ko sparsh kar paanaa

asambhav hai।


asaphaltaa ki jhdi se ghabraakar

santushti ke chhatri ke chhaanv men aakar

saphaltaa haasil kar paanaa

naamumakin hai।


are esmen kyaa majaa

ki kinaare men baith ham

saphaltaa ke lahron kaa

hamaare pair ke chhune kaa entjaar karen।


majaa to tab hai

jab saphaltaa paane ko

jivan ke majhdhaar men

ham chhalaang lagaa de।


aur lahron se ulajh kar

apni saphaltaa ko haasil karen।


aur apni jidd ko puri karen।



Written by sushil kumar

Shayari

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