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मुझे खेद है

मुझे खेद है

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Rastrawad

मुझे खेद है
आज भी कुछ भारतीय
जातिवाद और धर्मवाद पर वोट देते हैं।
उस मन्दबुद्धि और उसके पूर्वजों के द्वारा
रचाए सारी ढकोसले हैं।
हिंदुस्तान के टुकड़े नहीं होते
अगर राज करने की चाह
इनके दिल में ना होती।
साले अंग्रेजों ने धर्मवाद का जहर घोल
हिन्दुस्तानियो को हिन्दुस्तानियो से लड़वाया था।
और इन जैसे ठेकेदारों की मदद ले
देश का बंटवारा करवाया था।

हम गुलामों को फिर से
इन गद्दारों ने
धर्मवाद और जातिवाद के जंजीरो में
कैद करवाया है।
अंग्रेज चले गए
पर  अपनी सोच छोड़ गए।
हमारे देश को अभिशापित सदा के लिए कर गए।

अगर देश को आगे ले जाना है
इन जंजीरो को तोड़
हमारी सोच को आज़ाद कराना होगा।
जातिवाद और धर्मवाद के ढकोसलों को
अपने जेहन से मिटाना होगा।
राष्ट्रवाद के ज्वाले को फिर से
सारे देशवासियों के दिल में जगाना होगा।
फिर हम सभी सही मायने में
पूर्ण स्वतंत्र कहलाएँगे।
अपने भारत को फिर सही मायने में
उसे बुलन्दियों तक पहुँचाएँगे।

अगर कोई आपसे धर्म और जाति पूछो
गर्व से हुँकारो
हम भारतीय हैं।
Indian

जय हिंद।
जय भारत।

Written by sushil kumar

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