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मुझे खेद है

मुझे खेद है

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Rastrawad

मुझे खेद है
आज भी कुछ भारतीय
जातिवाद और धर्मवाद पर वोट देते हैं।
उस मन्दबुद्धि और उसके पूर्वजों के द्वारा
रचाए सारी ढकोसले हैं।
हिंदुस्तान के टुकड़े नहीं होते
अगर राज करने की चाह
इनके दिल में ना होती।
साले अंग्रेजों ने धर्मवाद का जहर घोल
हिन्दुस्तानियो को हिन्दुस्तानियो से लड़वाया था।
और इन जैसे ठेकेदारों की मदद ले
देश का बंटवारा करवाया था।

हम गुलामों को फिर से
इन गद्दारों ने
धर्मवाद और जातिवाद के जंजीरो में
कैद करवाया है।
अंग्रेज चले गए
पर  अपनी सोच छोड़ गए।
हमारे देश को अभिशापित सदा के लिए कर गए।

अगर देश को आगे ले जाना है
इन जंजीरो को तोड़
हमारी सोच को आज़ाद कराना होगा।
जातिवाद और धर्मवाद के ढकोसलों को
अपने जेहन से मिटाना होगा।
राष्ट्रवाद के ज्वाले को फिर से
सारे देशवासियों के दिल में जगाना होगा।
फिर हम सभी सही मायने में
पूर्ण स्वतंत्र कहलाएँगे।
अपने भारत को फिर सही मायने में
उसे बुलन्दियों तक पहुँचाएँगे।

अगर कोई आपसे धर्म और जाति पूछो
गर्व से हुँकारो
हम भारतीय हैं।
Indian

जय हिंद।
जय भारत।

Written by sushil kumar

कुछ याद है भाइयो और बहनों

कुछ याद है भाइयो और बहनों

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Modi

कुछ याद है भाइयो और बहनों
वो पुराने दिन कांग्रेस के।
देश में घुसपैठ जारी था।
पत्थरबाजी सेना पर कायम थी।
आतंकवादी हमला भी चालू था।
पर सरकार मौन बन बैठी थी
बस उनकी निंदा क्रिया जारी थी।
Modi



हम भी थक गए थे
उनकी निंदा सुनते सुनते।
पर वे कहाँ थके थे
निंदा करते करते।

सरकार बदली
समय बदला।
चूड़ियां निकाल
भारत ने अपना चरित्र बदला।
अब ईंट का जवाब पत्थर से देते
अपने शहीद भाइयों का बदला
हम उनके घर घुस कर लेते।

बहुत हो गया निंदा क्रिया
अब जवाब देने का वक़्त आ गया है।
हमारे जवान का लहू बहा जो
खून की नदियां बहा देंगे हम।

आज हमारे देश का सम्मान बढ़ा है
रूस,इजराइल,जापान व अन्य
साथ खड़ा है।
आज घर घर बिजली पहुँची है
अंधकार का राक्षस भाग खड़ा हुआ है।
आज गाँव को शहर से जोड़ने को
रोड और हाईवे पर काम हुआ है।
माँ बहनों को कोयले और लकड़ी के धुएं से
आज उन्हें निजात मिला है।
काले धन और बिचौलियों पर
आज जबरदस्त नकेल कसी है।
किसानों को प्रधानमंत्री किसान योजना दे
उनमे एक नई उम्मीद की किरण जगाई है।
आयकर के स्लैब में बदलाव कर
मध्यम वर्गो की रीढ़ की हड्डी मजबूत की है।
आज हर भारतीय संतुष्ट है
क्योंकि अपने देश की बागडोर सही कर में है।

फिर भी कुछ सज्जन बोलते हैं
हम मोदी को फिर से क्यों लाए भारत में।
शायद उन्हें घोटालो का दौर याद नहीं है।
या फिर इनकी कमीशन खोरी पर रोक लग गई है।
वरना सच्चा देशभक्त आज परेशान नहीं
बल्कि खुशहाल है।
और मोदी को दुबारा लाने का प्रण
आज हर देशभक्त ने दिल से लिया है।
Modi

जय हिंद।।
जय भारत।।


Written by sushil kumar



कुछ तो शर्म करो

कुछ तो शर्म करो

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Vote

Vote

कुछ तो शर्म करो
अपने कर्मों पर जेहन करो।
बहुत सुन लिया बाहरी लोगों की बातों को
अब अपनी आत्मा की सुन
फिर तय करो।

लोग तो लालच देंगे तुम्हें
अपनी ओर खीचेंगे तुम्हें।
अपने ज़मीर को पक्का कर
उनके इरादों पर थप्पड़ जड़।

जिस देश में तुम रहते हो
उससे गद्दारी तू मत निभा।
कुछ भ्रस्टाचारी नेताओं की गलती की सज़ा
अपने देश की आज़ादी की कीमत से ना चुका।

स्वयंहित से बड़ा राष्ट्रहित है
राष्ट्रवाद से बड़ा कोई धर्म नही।
लोकतंत्र का त्योहार मनाने को
आओ हम तुम चले
मतदान करने को।

Written by sushil kumar

निस्वार्थ मन

निस्वार्थ मन।

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मेरे चरित्र के शब्दकोष में
कुछ शब्दों से कभी भेंट ना हो पाई है।
आज तक समझ नहीं पाया
कुकर्म करने की
इंसान को नौबत क्यों आई है।
ईश्वर के दिए गए अनमोल जीवन में
मैने सदा उनकी मेहर और कृपा पाई।
जितना भी दिया भगवन ने
मैने सदा उसमे ही संतुष्टी पाई।

बेशर्त और  निस्वार्थ प्रेम मेरे नस नस में
आज लहू बन बहा है।
अपने क्या परायो की भी सेवा कर
कभी उम्मीद कुछ दिल में ना जगाई है।

हर लम्हा ईश्वर से बस एक ही फरियाद
हमने की है।
दुख क्लेश का नामोनिशान मिटे जग से
खुशिओं की बारिश में भींग सब हर्षित हो।

आमीन।

Written by sushil kumar

लोकतंत्र का त्योहार।

लोकतंत्र का त्योहार।

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Vote


मन में सैलाब उमड़ पड़ता है
जब किसी देशद्रोही की जयजयकार सुनता हूँ
दिल में क्रोध की ज्वाला धधक उठती है
जब आज अपनी जमीर बेच
लोग देशद्रोहियों के बचाव करते नज़र आते हैं।
आँखे भाव भिवोर हो
अपनी अश्रु रोक नहीं पाते हैं
जब अपने देश में धर्मनिरपेक्षता के नाम पर
केवल एक ही धर्म के लोगों को न्याय मिल पाता है।
कहने को हम इक्कीसवी सदी में कदम रख चुके हैं
पर सोच
सोच तो हमारी अभी भी वही कचड़े वाली ही रह गई है।
आज भले ही लोगों में क्रोध है या विश्वास है अपनी सरकार के लिए।
पर जब मतदान का दिन आता है
सारी राष्ट्रवाद धरी की धरी रह जाती है।
और लोकतंत्र के त्योहार को
लोग सो कर या सिनेमा देख कर बिताते हैं।
और देश की बागडोर को गलत हाथ मे थमा देते हैं।
ऐसे ढकोसले राष्ट्रवादियों से मुझे सख्त घृणा आती है
जो केवल लोक प्रसिद्धि पाने को राष्ट्रवाद के बुलबुले बन प्रकाश में आते हैं।
अगर सच्चे राष्ट्रवादी हो तो उठो
और लोकतंत्र के त्योहार में
अपने मतदान का प्रयोग कर
देश के बागडोर को
एक सच्चे राष्ट्रवादी नेता के हाथ में सौंपो।
Vote

जय हिंद।।
जय भारत।।

प्यार का भूत।

प्यार का भूत।

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Love


मुझे इकरार करना नहीं आता।
अपने प्यार को बयां करना नही आता।
पर सही बताता हूँ आपको।
आपकी सूरत में ईश्वर का रूप नज़र आता है।
गज़ब का गुरुत्वाकर्षण महसूस करता हूँ।
खुद पर खुद आपकेे करीब खींचा चला आता हूँ।
सारे मन मस्तिष्क में बस आप ही आप छा जाती हो।
बस लगता है आप यूँही मेरे सामने बैठे रहो
और मैं बस आपको देखता रहूँ ज़िन्दगी भर।
मुझे ऐसा क्यों लगता है
जैसे कुछ जादू आपने मुझपे कर डाला है।
जहाँ जाता हूँ
जिसे भी देखता हूँ
बस आप ही आप नज़र आती हो।
बचपन की कुछ यादें ताजा हो गईं हैं।
जब नज़र लग जाती थी मुझे
माँ मेरा नज़र झाड़ दिया करती थी।
क्या माँ फिर से आप आकर
मेरा नज़र नहीं झाड़ सकती हो।
शायद प्यार का भूत भी
मेरे जेहन से फिर उतर जाए।

Written by sushil kumar

देश के गद्दार।।

कुछ देश के गद्दारों ने अपनी अय्याशी और राजगद्दी पाने को देश का बंटवारा करवा दिया था।और फिर देखो हमारी देश की अंधभक्ति।उन्हें अड़सठ साल तक देश पर राज करने को दिया।हमने सहा,और बहुत दिनों तक सहा।घोटालों की झड़ी लग गई,आतंक इतना हो गया था,की समाचार देखने या सुनने की हिम्मत नही थी।पता नही अब कौन सा नया घोटाला सामने आने वाला है।

और ये लोग बिना ओर छोर के सामने वाले को चोर बोलते हैं,और सुप्रीम कोर्ट में जाकर माफी माँग लेते हैं।क्या है और कैसी घटिया मानसिकता वाले ये लोग हैं।मतलब ये ऐसी प्रजाति के लोग हैं,जो राजगद्दी पाने को देश में खून की नदिया बहा देंगे,और अपने को सही साबित करने के लिए सामने वाले की इज्जत की धज्जियां उड़ा देंगे।मतलब कुछ भी।

अगर इतने ही सच्चे हैं ये,तो घोटालों की दौर में कहाँ खटिया बिछाए सोए हुए थे।या विदेशों में गुलछर्रे उड़ा रहे थे।बहुत खेद होता है,ऐसे लोगों की मानसिकता देख कर।अपनी करनी सभी गंगा के समान पवित्र है,और सामने वाला कुछ अच्छा काम कर रहा है,ज़रूर कुछ झोल है।कुछ ना कुछ इसने खाए ही होंगे।कुछ ना कुछ चोरी तो की ही होगी।क्योंकि चोर को सारे लोग चोर ही दिखते हैं।आज जब हमारी आँखों से पर्दा हट गया है,तो हमें अंधभक्त बता रहे हैं।वाह री दुनिया।वाह।।

राष्ट्रवाद

राष्ट्रवाद
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कोई ऐसा तूफान नहीं
जो मेरे इरादे को हिला सके।
कोई ऐसा सैलाब नहीं
जो मेरे हौसले को बहा सके।

मैं नहीं वो महान सिकन्दर
जो मगध की विशाल सेना देख
कदम को पीछे हटा लिया।
मैं हूँ वो वीर पुरु
जो सिकन्दर के जलजले देख भी
खुद को ना रोक सका।

बहुत देखे ऐसे कायर महाबली
जो कमजोर पर राज करते हैं।
मैं आया हूँ इस धरती पर
सभी के दिलों पर राज करने को।

मैं हूँ प्रेम
मैं ही हूँ बलिदान।
अगर मैं नहीं तो
नहीं हो किसी देश का सम्मान।

मैं ही हूँ
जो सीमा पर रहता हूँ तैनात।
मैं ही हूँ
जो देश के लिए जान देने को रहता हूँ तैयार।
मैं ही हूँ
देश की विकास में।

क्योंकि मैं हूँ
वीरों की वीरगति की गाथा में
उनके बहते हुए खून और पसीने के पराक्रम में।
मैं ही हूँ।
मैं ही हूँ।
मैं ही हूँ।
।।राष्ट्रवाद।।

जय हिंद।।
जय भारत।।
Rastrawad


Written by sushil kumar



एक राष्ट्रवादी की आखिरी ख्वाहिश।

एक राष्ट्रवादी की आखिरी ख्वाहिश।

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Rastrawad

माँ आज मैं बहुत खुश हूँ।
जिस मिट्टी से मैने जन्म लिया
उस राष्ट्र की एक आखिरी सेवा करने का समय
जो आज निकट आ गया है।

मेरे भस्म को गंगा में प्रवाहित नहीं होना है।
ना ही उसे मिट्टी में मिलना है।
जिस क्षण मैं भस्म बनूँ
आँधी और तूफान मेरे भस्म को उड़ा ले जाएँ।
और सारे भारत के हवा के कण कण में उसे समाहित कर दें।
और मैं हर भारतीय के साँस में
हवा बन प्रवाहित हो जाऊँ।
उनके खून में मिल
राष्ट्रवाद की अखण्ड ज्वाला बन उनके हृदय में
सदा सदा के लिए ज्वलित हो जाऊँ।
और अपने भारत को पूर्ण राष्ट्रवादी देश बना
अपनी प्रिय माता से अलविदा ले
संसार से मुक्ति पाऊँ।
और हिंदुस्तान की सोच में
मैं सदा जीवित रहूँ
एक राष्ट्रवाद की अखण्ड क्रान्ति बनकर।

जय हिंद।।
जय भारत।।

Written by sushil kumar

हर पल अनमोल है।

हर पल अनमोल है।

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Time

काम के दबाव में
तेल डाल के भाव में
हम कैद हो चले हैं आज
पैसे बनाने के जुगाड़ में।

ना हँसने की फुरसत
ना रोने का समय।
मानव कम
ज्यादा मशीन बन गए हैं हम।

सुबह से शाम ऑफिस
और रात में भी
घर पर वही दफ्तर का काम।
आखिर पाना है प्रोमोशन
और नया कुछ ईनाम।

किसी अपने के गुज़र जाने की
खबर जो कभी पाई।
टारगेट पूरा करने की धुन में
हमने अपने बीवी की टिकट कटवाई।

जो मानो अपने परिवार में
एक नए सदस्य ने जन्म लिया।
पर हम व्यस्त हैं
कोई मीटिंग अटेंड करने में।

जरा थामो अपने रफ्तार को
और पीछे मुड़कर देखो।
कितने लोग छूट गए हैं
और कितने जुड़ आए हैं तेरे संग में।

जिनने तुम्हारी खुशियां बाँटी
जिनने दुख में तेरा साथ निभाया।
जो सदा रहे तेरे संग में
पर तू उन्हें अलविदा कहने को ना पाया।

पैसे बनाने के चक्कर में
तू पता नहीं कब मशीन बन गया।
आज उन्हें तू याद कर रहा है
जो छोड़ गएँ कब का तेरा साया।

हर पल में तू सदिया जीना सीख लो।
अपनों को जरा वक़्त देना सीख लो।
उनकी खुशियों में छिपी है तुम्हारी खुशी।
कभी अपनी खुशियों को भी उनके संग बाँट कर देख लो।


Written by sushil kumar







जिसकी वाणी पर लगाम नहीं

जिसकी वाणी पर लगाम नहीं

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जिसकी वाणी पर लगाम नहीं
उससे दूर रहना ही सेहतमंद होता है।
जो करीब जाओ
तो कोई नया जोखिम होने का खतरा 
सदा सर पर मंडराते ही रहता है।
अगले पल उसके मुख से कौन से 
शब्द भेदी बाण निकलने वाले हैं
जो आपके मन को लहू लुहान करने को बेसब्र हैं।

ऐसे लोग अगर अपनो में हैं
तब तो और भी खतरा है।
बिना पास गए दिल मानने वाला नहीं है।
और नए जख्म दिए बगैर
उनकी वाणी थमने वाली नहीं है।
इसलिए ऐसी स्थिति में 
दुश्मनो से ज्यादा खतरा अपनो से ही होती है।

अस्त्र ना शस्त्र
आज के समय का
सबसे बड़ा हथियार
सामने वाले की शब्द है।

बोलने से पहले एक बार तो अवश्य
सोच लेना चाहिए।
सामने वाले को कहीं
उससे हृदयाघात तो नहीं हो जाएगा।
क्योंकि वो कोई गैर या दुश्मन नहीं
वो है कोई आपका अपना और प्यारा।
Voice

Written by sushil kumar

।।माँ।।

।।माँ।।

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Maa


माँ!
माँ शब्द से ही सारे रोम रोम
और रग रग में एक तरंग सी दौड़ जाती है
उनकी वन्दना करने को।
उनकी पूजा करने को।

माँ केवल एक शब्द नहीं
पूजा है,अर्चना है,श्रद्धा है।
भगवान से एक पल के लिए श्रद्धा उठ भी सकती है।
पर माँ से!
मरने के पश्चात ही श्रद्धा उठती है।

आज माँ ना होती
तो जिन बड़े बड़े योद्धाओं का नाम लिया जाता है।
वह भी नहीं होते।
माँ के दिए हुए संस्कार ही
हर व्यक्ति को
उसके कर्मभूमि में
उसे विजयी तिरंगा फहराने में
उसकी मदद करते हैं।

माँ से बड़ा योद्धा और गुरु 
ना इस धरती पर कभी पैदा हुआ है
ना कभी होगा।
माँ है!
तभी हम हैं।
माँ है!
तभी ये जग है।
Maa

Written by sushil kumar

हे ईश्वर!

हे ईश्वर!

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हे ईश्वर!

हे ईश्वर!
तू इतनी शक्ति दे मुझे कि
मैं सदा तेरे पथ पर अग्रसर रहूँ।
मौत मेरे सामने रहे
पर लब पर तेरा नाम
सदा बना रहे।
हे ईश्वर!

हे ईश्वर!
मुझे तू इस लायक बना कि
तेरी दी हुई खुशियों को
अपने संगियों संग बाँट सकूँ।
और उनके दुख रूपी कष्ट को दूर कर
उन्हें भी तेरे मार्ग पर लगा सकूँ।
हे ईश्वर!

हे ईश्वर!
तू इतना मुझे सामर्थ बना दे कि
मेरे दर पर जो भी आए
सभी सामर्थ
बन कर
यहाँ से जाए।
और तेरे पथ पर
उन्हें भी मैं
अग्रसर कर पाऊँ।
और हम सभी मिल
तेरे जग रूपी बगिया को
भिन्न भिन्न रंगों के
खुशियों के पुष्पों से सुषोभित कर दें।

Written by Sushil Kumar

सफलता हासिल करने की ज़िद्द।।

सफलता का मूल मंत्र।।

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तकदीर पर विश्वास कर
आसमान की बुलन्दी को स्पर्श कर पाना
असंभव है।

असफलता की झड़ी से घबराकर
सन्तुष्टि के छतरी के छाँव में आकर
सफलता हासिल कर पाना
नामुमकिन है।

अरे इसमें क्या मजा
कि किनारे में बैठ हम
सफलता के लहरों का
हमारे पैर के छूने का इंतज़ार करें।

मजा तो तब है
जब सफलता पाने को
जीवन के मझधार में
हम छलाँग लगा दे।

और लहरों से उलझ कर
अपनी सफलता को हासिल करें।

और अपनी ज़िद्द को पूरी करें।


Written by sushil kumar

ना मैं हिन्दू


ना मैं हिन्दू

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Indian

ना मैं हिन्दू
ना मैं मुस्लिम
ना सिख
ना मैं ईसाई।
मैं भारत का रहने वाला हूँ
एक भारतीय हूँ मैं!
मेरे भाई।
Indian

धर्मवाद और जातिवाद में बँट
तुम राष्ट्र को ना बाँटो यूँ।
सारे ढकोसले यहीं रह जाएँगे
जो कल के इतिहास को झांकोगे तुम।

आज़ाद धरा पर
विस्तीर्ण सोच वालों की
आज दुनिया में है
बहुत कमी।
जहाँ देखो
वहीं संकीर्ण सोच वालों ने
राज करने को
बाँटी हैं जमीन।
Indian

बहुत हो गएँ टुकड़े 
हमारी भारत माँ के।
अब और ना टुकड़े होने देंगे हम।
राष्ट्रवाद की क्रांति में रंग 
देश द्रोहियों को खदेड़ भगाएँगे हम।
भारत माँ की गरिमा को
अब और न
ठेस लगने देंगे हम।
भले उसके लिए
दुश्मनो का सर काटना पड़ जाए
या खुद ही शाहिद हो जाएँगे हम।।
Indian

जय हिंद।।
जय भारत।।
वन्दे मातरम।।

Written by sushil Kumar

कुछ तो बात है।।

कुछ तो बात है।।

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कुछ तो बात है
मोदी जी में कुछ तो खास है।
चीन आज परेशान है
पाकिस्तान आज हैरान है।
भारत की विकास देख
दुश्मनों की नींद हराम है।
मोदी को हटवाने की साजिश
भले उन्होंने रची हज़ार है।
कुछ देश के गद्दारों ने भले
रख दी हो अपने ज़मीर उनके पास में।
Namo

पर हम देशप्रेमी होशियार और तैयार हैं
राष्ट्रवाद के रंग में रंगने को
देश के सुनहरे भविष्य को लिखने को।
भारत की गरिमा को आसमान तक पहुँचाने को
हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम पाने को।
देश के गद्दार और दुश्मनों का सफाई करने को
और मोदी जी के नेतृत्व में
एक मजबूत सरकार बनाने को।
हम चौकीदार तैयार हैं।
हम भारतीय तैयार हैं।

जय हिंद।।
जय भारत।।


Written by sushil kumar



मैं हूँ तुम सब से अलग।

मैं हूँ तुम सब से अलग।

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मैं नहीं हूँ कोई तुमसा
मैं हूँ
तुम सब से अलग।
I am

अपनो में बैठ
खुशियों के मोतीयों को समेट
सभी के चेहरों पर खुशी लाने वाला और
अपने ही भावों के भौसागर में बहकर
झरने सा नीचे गिरने वाला
मैं हूँ
तुम सब से अलग।

छोटी से छोटी उपलब्धि की
खुशी के बादल में
खुद को हर्ष और उमंग के बारिश में
भिंगोने वाला
मैं हूँ
तुम सब से अलग।

I am

हर किसी की खुशी के आतिशबाजी में
खुद को
उसकी खुशी में झोंक देने वाला
मैं हूँ
तुम सब से अलग।

किसी दुख भरे अंधियारे मन में
आनन्द से प्रकाशित कर
उसके साथ उसकी खुशी के उजाले में
समाहित हो जाने वाला
मैं हूँ
तुम सब से अलग ।

दिल मेरा है पाक
सभी को साथ ले कर चलने का है मेरा भाव।
भले पिछले मर्तबा किसे ने कहे हो हमसे
दो अपशब्द
पर उसकी भी खुशी का ख्याल रखने वाला
और उसे अपने साथ ले जाने वाला
मैं हूँ
तुम सब से अलग ।
I am

दो दिन की जिंदगी में
हर क्षण
एक नई जिंदगी जीने का भाव
मन में रखने वाला
मैं हूँ
तुम सब से अलग।

Written by sushil kumar

मैं राष्ट्रवाद का क्रान्ति हूँ।

।।राष्ट्रवाद की क्रान्ति।।

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ना जाने कितने वर्ष बीत गए
सोया हुआ था घोर निद्रा में।
किसी ने मुझे आवाज तक ना दी।
दबा हुआ था सभी के हृदय में।
लोभ,मोह,ईर्ष्या और कामवासनाओं के वशीभूत हो
लोग भ्रमित हो
कहीं भटक चुके थे।
Rashtravad

आज फिर से किसी लौहपुरुष ने
राष्ट्रवाद की क्रान्ति का आह्वान किया है।
पूरे देश में
हर जन जन के मन से
अज्ञान के अंधियारे को दूर किया है।

हर एक के हृदय में
राष्ट्रवाद की तरंगें
आज पुनः से
उठ खड़ी हुई हैं।
राष्ट्रवाद से बड़ा कोई धर्म नहीं है
राष्ट्र है
तभी हम सभी है।

आज रोम रोम
और रग रग से हमारे
एक ही बस हुँकार उठी है।
जय हिंद
जय भारत का
चारों दिशाओ से
आज फिर से
ललकार गुंजी है।

मानो आज हर जन जन में
फिर से किसी क्रान्तिकारी ने
जन्म लिया हो।
बच्चे जवान बूढ़े
जन जन  में राष्ट्रवाद की चिंगारी
भभक रही है।

इसी बात पर आओ
हम सब मिल
एक साथ दिल से उद्घोष करते हैं।
हम हैं
जब तक इस धरती पर कहीं भी
अपने भारत माँ के सर ना झुकने देंगे।
वन्दे मातरम !वन्दे मातरम!
मरते दम तक
कहते रहेंगे।
Rashtravad

जय हिंद।।
जय भारत।।





Written by sushil kumar


मोदी है! तभी हम सभी हैं।।

मोदी है! तभी हम सभी हैं।।

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India

मन में एक आक्रोश था
दिल में भी बड़ा कोप था।
कब बदलेगा समय हमारा
ये सोच सोच
मन शोक में था।

दिल के धड़कन से तेज़ हमारे
मन में ये विचारों की लहर उफनते थे ।
अगले पल
फिर कौन सा कारनामें(भ्रस्टाचार)
हमारे सरकार के देखने को मिलने हैं।
क्या यही दिन देखने को हमने
इन्हें वोट दे जिताए थे।

रोज सैनिक हमारे शहीद हो रहें थे
जनता आतंकवाद और महंगाई के चपेट में थी।
पर सरकार सोई थी अपने किसी दुनिया में
भ्रस्टाचार के नए आयाम जो पाने थे।
सिर झुका था हम सभी का
डर डर के सभी जी रहे थे।
शोध होता था अपने यहाँ
पर परीक्षण
विरोधियों के सहमति से करते थे।
आजादी पाए पचास वर्ष हो चले थे
पर हमारी सोच अभी भी
जंजीरों से जकड़े थे।

फिर हम सब ने उठाई एक क्रांतिकारी कदम
बदल कर रख दिए
सरकार को हम।
आज हमें नहीं है
अपनी करनी पे कोई पछतावा।
क्योंकि देश आज बदल रहा है
और बढ़ाया है सुनहरे पथ पर कदम।
हर क्षेत्र में एक लहर सी दौड़ पड़ी है
और हर भारतीय इस विकास के दौर में
एक नया आयाम पाने को उत्सुक है।
हर किसी के दिल में है शांति
और मन में है एक दृढ़ विश्वास।
देश की प्रगति के लिए
हम सभी बढ़ाएँगे अपना हाथ।

शीश अपना गर्व से आज ऊँचा है
छाती भी अपनी छप्पन इंच चौड़ी है।
विरोधी देशों के दिल मे ख़ौफ़ है
क्योंकि अपना तिरंगा आज
सारे विश्व में
शान से  बेख़ौफ़ तैर रहा है।

मोदी है तो मुमकिन है।।
मोदी है! तभी हम सभी हैं।।

Namo


Written by sushil kumar



राष्ट्रवाद के रंग में रंगने को

राष्ट्रवाद के रंग में रंगने को

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Jay hind

राष्ट्रवाद के रंग में रंगने को
आओ चले हम
नमो के संग।
जहाँ देखो
लोग नशे में हैं।
राष्ट्रवाद के जश्न में हैं।
Jay hind

क्या हिन्दू
क्या मुस्लिम
आज सारे धर्म
एक ही उमंग में हैं।
बच्चे,जवान और बूढ़े क्या
मिट्टी के हर कण कण से
बस एक ही आवाज़ गूँज रही है।
मोदी से बड़ा कोई राष्ट्रवादी नेता नहीं है
जो इस देश के लिए समर्पित है।
Jay hind

वोट खरीदने बहुत आए यहाँ
सुनहरे सपनों का चक्रव्यूह बना
उसमे फँसा चले गए सभी।
पर बात जहाँ देश की आती है
दिल से बस एक ही नाम
जुबान पर आ जाती है।
आज विश्व में अपना तिरंगा
बड़े शान से हवा में तैर रहा है।
Jay hind

हर हिंदुस्तानी का दिल गर्व से
जय हिंद जय हिंद का उद्घोष कर रहा है।
दुश्मनो के दिल में ख़ौफ़ पैदा कर
हम चैन की नींद सो रहे हैं।
क्योंकि अपना चौकीदार
हर क्षण चौकन्ना रह
अपने देश की गरिमा की रक्षा कर रहा है।
इस लिए दुबारा मोदी जी को वोट दे
उन्हें विजय बनाएँगे।
अपने देश की कायापलट कर
हम दुनिया में श्रेष्ठ कहलाएँगे।
Jay hind

बोलो दिल से
जय हिंद।।
जय भारत।।

Written by sushil kumar

तुम लिखो कुछ ऐसा

तुम लिखो कुछ ऐसा kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। तुम लिखो कुछ ऐसा जिससे शांत सरोवर की शिथिल लहरों में एक उफान ...