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प्यार करने वालों के लिए 💐💐💐

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Kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।



Love


इशारों ही इशारों में गुफ्तगू क्या चली
मन भँवरा पंख फैला पहुँचा
एक कली की गली।
कली ने भी खिल
उसके स्वागत में बढ़ी।
फिर चल पड़ा प्यार भरे
पलों का वो दौर।
सदियों तक बहती रही
वो प्यार भरी तरंगिनी।
आज भी ठीक वैसी है प्यास
जैसी प्रारंभिक दौर में थी।
समय बदला
प्रकृति बदली
पर उनका प्यार रहा स्थिर।
Love


Written by Sushil Kumar

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