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हम नहीं थमने वाले

हम नहीं थमने वाले

Kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।

Shayari


हम नहीं थमने वाले
ना ही अब हम झुकने वाला।

बहुत हो गई गांधीगिरी
सुभाष बनने का समय आ गया।

खून के एक एक कतरे का हिसाब
लेने का समय आ गया।

वो दुखियारी बेबस माँ की
आँखों से बहती आँसुओ की कसम है।

वो उन शहिदों के परिवारो के आँखो से
बहते सैलाब की कसम है।

हम नही थमेंगे
ना ही अब हम झुकेंगे।

जब तक देश में छिपे गद्दारों का सर
धड़ से अलग ना कर देंगे।

चिंगारी जो भड़की है
अब नहीं वो बुझेगी।

जब तक सारे आतंकियो के भस्म को
महासागर में ना बहा देंगे हम।

जय हिंद।।
जय भारत।।
Shayari,kavita


Written by sushil kumar @ kavitadilse.top

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