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हर पल में वो पल तलाश रहा हूँ मैं।।

हर पल में वो पल तलाश रहा हूँ मैं।।

Kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।


हर पल में वो पल तलाश रहा हूँ मैं।
बार बार लौट पुनः वहाँ जा रहा हूँ मैं।
बहुत दिन हो गए हैं
पर खुशियों से मुलाकात हो ना पाई है।
और खुशियों के खोज में
बार बार भूत में 
लौटे जा क्यों रहा हूँ मैं।

समय का पहिया 
लगातार आगे ही चलता जा रहा है।
पर क्यों 
समय को पीछे खिंचने का प्रयत्न कर रहा हूँ मैं।

खुशियों को क्यों ना वर्तमान में तलाशने का प्रयास करे हम।
हर पल,हर क्षण में
क्यों ना  
अपनी खुशियों के ओस को एकत्र करें हम।

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written by Sushil Kumar at kavitadilse.top





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