Email subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

मैं टूटा तारा ⭐ ना जाने।।

मैं टूटा तारा ⭐ ना जाने

Kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।


मैं टूटा तारा ⭐ ना जाने
ब्रह्मांड में कब से भटक🚶 रहा।
ना कोई मंजिल थी🤔
ना किसी की तलाश थी।
फिर भी ब्रह्मांड में चक्कर लगा रहा।


एक आस बस दिल में लिए हुए
कोई पड़ाव तो मिलेगा
मुझे
आज नहीं तो कल।
मैं निराश नहीं
ना ही हताश हूँ मैं।।😒
अपनी तकदीर को लेकर
कभी उदास नहींं हुआ
मैं।।


आज भी थमा नहीं
बेड़ियों से खुद को बाँधा नहीं।
निरंतर चलता आ रहा हूँ
निरंतर चलता चला जाऊँगा।।
जब तक कोई मंजिल मुझे
अपना ना ले मुझे स्वयं में।



मैं टूटा तारा ⭐ ना जाने।।
written by Sushil Kumar at kavitadilse.top

No comments:

वतना मेरे वतना वे।

वतना मेरे वतना वे kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। वतना मेरे वतना वे तेरा इश्क़ मेरे सर चढ़ चढ़कर बोल रहा है। एक जन्...