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उम्र का परवान

उम्र का परवान 

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उम्र का परवान
चाहे जितना चढ़ता चला जाए।
कदम आगे बढ़ाने में
लाठी का सहारा लिया जाए।
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साँस लेने से ज्यादा
कोई खाँसता रह जाए।
विभिन्न प्रकार के मिष्ठान
मन खाने को ललचाए।
हर कोई उनके साथ रहे
उनसे सभी लोग बतियाये।
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पर यहाँ किसे पसंद है
कि कोई उनसे बूढ़ा समझ बरताए।
क्योंकि दिल तो अभी भी बच्चा है।
और सदा बचपन में रहना चाहे।
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उम्र का परवान

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