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जीवन के पथ पर

जीवन के पथ पर

Kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।


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जीवन के पथ पर
मैं कभी आगे बढ़ा
कभी मुड़ पीछे देखा।
कुछ तो अपने
साथ चल रहे हैं।
पर कुछ करीबी
पीछे छूट गए।।
उनको अपने
साथ ना पाकर।
बड़ा दुख हो रहा है
आज अपने मन में।।
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जब साथ चल रहे थे
वे हमारे
तवज्जो ना दे पाए
उनकी हम।
आज जब साथ
छूट गया है उनका
अहमियत उनकी
समझ आई तब।।
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ऐसा भी क्यों पछतावा करना।
समय रहते ही
क्यों नहीं संभलना।
क्योंकि
हर रिश्ता अनमोल है
इस जग में।
उनकी अहमियत
समझो अपने हृदय में।
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और इसलिए
सभी रिश्तों का सम्मान करना ही
आप सभी के लिए
हमारा आज का पैगाम है।।
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जीवन के पथ पर
written by sushil kumar @kavitadilse.top

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