22 Dec 2018

Mana mai nakara hun.

Shayari

माना मैं नकारा हूँ

Kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है।


माना मैं नकारा हूँ
निकम्मा हूँ
आवारा हूँ।
पर मेरी सोच और
मेरे सपनों को
तुम छीन नहीं सकते हो।
मेरी ख्वाहिशें और मेरे दिली तमन्ना को
तुम बदल नहीं सकते हो।



आज भले मैं
सोया हूँ
बीच सड़क🛣 पर।
रहने को
मेरे पास
नहीं है
अभी कोई घर🏘।
पर मेरे सपने को
तुम कैद नहीं कर सकते हो।



अमेरिका 🇺🇸में बैठ
डोनाल्ड ट्रम्प के साथ डिनर🍜 का मजा ले आऊँ मैं।
कभी सलमान के साथ अपना दोस्ताना भी निभा जाऊँ मैं।
तो कभी कैटरीना के साथ डेट पर भी हो आऊँ मैं।
क्योंकि सपने मेरे हैं
और मैं वहाँ का हूँ शहंशाह😎।
कोई शक😳।










maanaa main nakaaraa hun

nikammaa hun

aavaaraa hun।

par meri soch aur

mere sapnon ko

tum chhin nahin sakte ho।

meri khvaahishen aur mere dili tamannaa ko

tum badal nahin sakte ho।






aaj bhale main

soyaa hun

bich sdak🛣 par।

rahne ko

mere paas

nahin hai

abhi koi ghar🏘।

par mere sapne ko

tum kaid nahin kar sakte ho।






amerikaa 🇺🇸men baith

donaald tramp ke saath dinar🍜 kaa majaa le aaun main।

kabhi salmaan ke saath apnaa dostaanaa bhi nibhaa jaaun main।

to kabhi kaitrinaa ke saath det par bhi ho aaun main।

kyonki sapne mere hain

aur main vahaan kaa hun shahanshaah😎।

koi shak😳।


 माना मैं नकारा हूँ।।
written by sushil kumar @ kavitadilse.top

Shayari

No comments:

अभिमान है मुझे:abhimaan hai mujhe

अभिमान है मुझे। Shayari मेरे भारत देश के मिट्टी की  बात बड़ी ही निराली है। यहाँ जन्म लेने वाले हर शख्स के खून में छिपी हुई एक...