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तुम्हारे साथ होने पर

तुम्हारे साथ होने पर
समय का कुछ भी
पता ही नहीं चलता है।
सेकंड मिनट में और
मिनट कब घंटों में
तब्दील हो जाते हैं।
कुछ भी भनक नहीं पड़ता है।
ना ही भूख लगती है।
और ना ही प्यास लगती है।।
बस एक दूसरे की झील सी आँखों में
डूबे रहने का मन करता है।।

तुम हमें
और
हम तुम्हें
बातों का गुलदस्ता बना
यूँही देते रहें।
यादों का झूला बना
हम तुम
उसपे झूलते रहें।
कभी तुम मुझे झुलाओ
कभी हम तुम्हें  झुलाएँ।
ये सिलसिला
यूँही बस चलता रहे।।

प्यार भरे मौसम में
मोहब्बत की बरसात बस होती रहे।
हम और तुम
इश्क़ की बूंदा बाँदी में
यूँही भींगते रहें।
और एक दूसरे में
अपनी खुशी को
हम तलाशते रहें।।



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