8 Aug 2018

Purush hone ki lachari

Shayari

Purush hone ki lachari




शादीशुदा हूँ यारों।
ऊपर से पत्नीव्रता।।
कल ही टीवी पर
आई थी एक खबर।
चार महिलाओं ने मिल
लूटी थी एक अबला पुरूष की इज्जत।।
घर से बाहर निकलने में भी
अब लगता है बड़ा डर।
पता नहीं
कहाँ पे भेड़िये घात लगाकर बैठे हों
लूटने को हमारी इज्ज़त।।

जहाँ भी जाता हूँ।
पत्नी पीछे से चली आती हैं।।
आखिर हूँ तो एक सुंदर पुरूष ना।
और हमारी जीवन भर रक्षा करने की
उन्होंने कसम जो खाई है।।
जमाना बहुत ही खराब हो गया है यारों।
वो तो धन्य है ईश्वर का
जो इस जन्म में हमने ऐसी पत्नी पाई है।






shaadishudaa hun yaaron।

upar se patnivrtaa।।

kal hi tivi par

aai thi ek khabar।

chaar mahilaaon ne mil

luti thi ek ablaa purush ki ejjat।।

ghar se baahar nikalne men bhi

ab lagtaa hai bdaa dar।

pataa nahin

kahaan pe bhediye ghaat lagaakar baithe hon

lutne ko hamaari ejjt।।


jahaan bhi jaataa hun।

patni pichhe se chali aati hain।।

aakhir hun to ek sundar purush naa।

aur hamaari jivan bhar rakshaa karne ki

unhonne kasam jo khaai hai।।

jamaanaa bahut hi kharaab ho gayaa hai yaaron।

vo to dhany hai ishvar kaa

jo es janm men hamne aisi patni paai hai।


Written by sushil kumar

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