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वन्दे मातरम!!

बड़ा भाग्यशाली हूँ माँ
जो तेरे कोख से जन्म लिया था।
ईश्वर से बस यही दुआ
हर रोज किया करता हूँ।
अगर कभी जन्म लूँ धरती पर
तेरे कोख से ही जन्म लूँ माँ।।

बचपन की यादें कुछ धूमिल हो गई हैं।
पर जेहन से एक बात
आज तक नहीं हट पाई है।।
पड़ोस में राम चाचा का
पार्थिव शरीर जो आया था।
सरहद पर शहीद हुए थे वे
दुश्मनों से दो दो हाथ लिया था।।
सारा गाँव
सारा कस्बा की छाती
गर्व से चौड़ी हो गया था।
आँखों से आँसूओं का
सैलाब बह निकला था।।
तभी माँ आप मेरे सिर पर
हाथ फेर कर कुछ कहा था।
बेटा तुम भी फौज में जाना
भारत माता को तुम्हारी जरूरत है।।

आज एक बात मैं
आपसे करना चाहता हूँ।
पर एक वादा चाहता हूँ आपसे
आँखे नम नहीं होने देंगे आप।।
आज सुबह आतंकियों ने
हमारे टेंट पर हमला किया था।
हमने भी जवाबी हमला करके
उन्हें ढेर वहीं किया था।।
जवाबी कार्यवाही में दो गोली
मुझे भी आकर लग गई थी।
एक गोली छाती में अटकी थी
दूसरी गोली कंधे में जा घुसी थी।।
बड़ा मीठा मीठा दर्द हो रहा था
साँस भी धीरे धीरे
मेरा साथ छोड़ रही था।।
तभी मुंह से दो शब्द
निकल पड़े अनायास ही ।
वन्दे मातरम!!
वन्दे मातरम!!
बहुत तेज़ प्रकाश हुआ
और प्रकाश के बीच से निकली एक देवी।
तिरंगा साड़ी पहने हुई थी
हमारी प्यारी
भारत माता।।
माँ आकर बैठ गई समीप
रखा सिर अपने गोद में।
बालों पर जो हाथ फेरा उन्होंने
पता नहीं कब आ गई नींद।।

जय हिंद
जय भारत
वन्दे मातरम
जय जवान
जी किसान







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