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तेरी सुंदरता की क्या करुँ बखान।।

तेरी सुंदरता की क्या करुँ बखान।।
मानो बनाने वाले ने लगा दी है सारी जान।।
आँखों की सुंदरता को कैसे करूँ शब्दों में बयान।।
बस तुम मुझे देखते रहो,और मैं पीता रहूँ तुम्हारे आँखों से जाम।।
क्या खूब तराशा है ईश्वर ने तुम्हारे नाक नक्श को।।
मानो जर्रे जर्रे से हो रहा हो नूर की बौछार।।

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