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ब्रह्मांड के हर कण कण में

ब्रह्मांड के हर कण कण में
                   तुम प्यार का मिठास भर दो।।
हर छोटे छोटे पलों में
                  तुम सतरंगी खुशियों का हुलास भर दो।।
दुख सुख की परिभाषा से
                  हम तुम हो जाएँ ऐसे अचेत।।
खुशियों के समुंदर में चलो
         एक बार फिर से जीवन के आनंद का जलपान ले लो।।


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