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बदहाली

ऐसी बदहाली आज दिल पे जो छाई है।
मन  है बदहवास और आँखों में नमी आई है।
हर वक्त बस ईश्वर से यही दुहाई है।
खैर रखना उनकी, मेरी जान उनमे समाई है।

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