Email subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

कुछ लोग मच्छर की तरह होते हैं

कुछ लोग मच्छर की तरह होते हैं।
देखते ही मारने का मन करता है।।
वो खुद तो नकारात्मक होते ही हैं।
हर जगह नकारात्मकता फैलाते हैं।।
खुद ही वो हताश रहते हैं।
और दूसरों को निरुत्साहित करते रहते हैं।।
चाहे जितना भी सकारात्मक आयोजन हो।
पर उसमे भी वो नकारात्मकता तलाशते हैं।।
कुछ लोग मच्छर की तरह होते हैं।
देखते ही मारने का मन करता है।।

No comments:

वतना मेरे वतना वे।

वतना मेरे वतना वे kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। वतना मेरे वतना वे तेरा इश्क़ मेरे सर चढ़ चढ़कर बोल रहा है। एक जन्...