Email subscription

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

अपनी सफलता पर इतना भी मत इतरा।

अपनी सफलता पर इतना भी मत इतरा
ए बन्दे।
पता नहीं
कितनों की दुआओं का असर है ये।।
तू तो समझता है
अकेले तेरी मेहनत ने करिश्मा कर दिखाया है।
यहाँ तेरी माता ने
पता नहीं कितना उपवास और
कितना पूजा-पाठ
तेरी सफलता के लिए करवाया है।।
तेरे पिता ने भी पता नहीं
कितने पसीने बहाएँ हैं।
दो दो शिफ्ट कर के
तेरे एड्मिसन फ़ीस और क़िताबों के
खर्चे उठाएँ हैं।।
तेरी सफलता पे
तेरे माता पिता का
उतना ही हक़ है।
तू जानता है
उनके बिना शामिल हुए
तेरी खुशियाँ निरर्थक है।।

No comments:

मैं हिन्दू नहीं।

मैं हिन्दू नहीं। kavitadilse.top द्वारा आप सभी पाठकों को समर्पित है। मैं हिन्दू नहीं ना मैं मुसलमान हूँ। मैं सिख नहीं ना मैं क...