13 Aug 2018

Aa jao maa

Shayari

Aa jao maa


आज जब भी तकलीफ़ होती है।
दुनिया की बातें कचोटती है।।
घर बाहर
हर जगह से
जब
केवल तनाव ही महसूस होती है।।

बहुत याद आती हो माँ
जब तुम ढाल बनकर बीच
में आती थी।
मेरे अंदर के आत्मविश्वास को
पुनः तुम
श्री कृष्णा बनकर जगाती थी।।
और मैं अर्जुन उठ खड़ा होता था।
दुनिया से लोहा लेने को।।

आ जाओ माँ
आ जाओ फिर से
बहुत याद तुम्हारी आती है।।
आज फिर से मैं दुविधा में फँसा हूँ
खुद अपने ही चक्रव्यूह में।।




aaj jab bhi taklif hoti hai।

duniyaa ki baaten kachotti hai।।

ghar baahar

har jagah se

jab

keval tanaav hi mahsus hoti hai।।


bahut yaad aati ho maan

jab tum dhaal banakar bich

men aati thi।

mere andar ke aatmavishvaas ko

punah tum

shri kriashnaa banakar jagaati thi।।

aur main arjun uth khdaa hotaa thaa।

duniyaa se lohaa lene ko।।


aa jaao maan

aa jaao phir se

bahut yaad tumhaari aati hai।।

aaj phir se main duvidhaa men phnsaa hun

khud apne hi chakravyuh men।।

Written by sushil kumar

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