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मैं जितना भी दूर तुमसे होता चला जाऊँ।।

मैं जितना भी दूर
तुमसे होता चला जाऊँ।
उतना ही मैं खुद को 
तेरे पास पाऊँ।।
मैं कहीं भी रहूँ।
किसी भी कोने में जा बस जाऊँ।।
मेरे नाफरमानी सोच को ।
कहाँ से रोक पाऊँ।।
भरी महफ़िल में लोग हमसे
पूछ पूछ थक जाएँ।
खोए खोए रहते हैं बहुत
कुछ बात है तो बताएँ।।
मेरी जो अवस्था है
मैं क्या उनसे बताऊँ।
हर क्षण डूबा रहता हूँ
तेरे सुनहरे यादों में प्राणप्यारे।।

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