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इंसान हूँ

इंसान हूँ।
इंसानियत से हमें जीना सीखने दो।।
दो पल की है
ये जिंदगी।
इसमें मिठास भरने दो।।
बेरंग सी जीवन को।
खुशियों के रंगों से रंगने दो।।
हर कष्ट से लाचार जिंदगानी से।
दुख के बादल को छांटने दो।।
मानव को मानवता से।
आज मिलाप करवाने दो।।
हर दिल में
एक दूसरे के लिए।
प्यार इश्क़ और मोहब्बत के
जज्बात को जगाने दो।।
इंसान हूँ।
इंसानियत से हमें जीना सीखने दो।।

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