10 Dec 2019

Main kisi ka gulam nahin

Shayari

मैं किसी का गुलाम नहीं।।

      मैं आजाद पंक्षी हूँ नीले गगन का।।
मस्त उड़ता हूँ बेफिक्र होकर।।   
             आसमान में बस इधर उधर।।
मुझे तुम जिम्मेदारियों से मत बाँधो।।
      मैं तो बहती हवा सा हूँ जो ठंडक देता है हर दिल को।



main kisi kaa gulaam nahin।।

      main aajaad pankshi hun nile gagan kaa।।

mast udtaa hun bephikr hokar।। 

             aasmaan men bas edhar udhar।।

mujhe tum jimmedaariyon se mat baandho।।

      main to bahti havaa saa hun jo thandak detaa hai har dil ko।


Written by sushil kumar


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