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क्या खूब जिंदगी थी बचपन की आज खूब तूझे याद करता हूँ।।

शिक्षक का खौफ
होमवर्क का प्रैशर
मानो पूरी दुनिया का बोझ
हमारे कंधों पर है रखा।।
जो होमवर्क कंप्लीट हो
तो किसी के बाप से ना डरता।।
पर जिस दिन होमवर्क कंप्लीट नहीं हो
तो पिछवाड़ा लाल हो जाता।।
और उस दिन अपने उम्र को
मैं खूब था कोसता।।
जो मैं भी जवान होता
तो पिछवाड़ा हमारा कौन लाल करता।।
क्या जिंदगी है जवानी की
मस्त कमाओ खाओ घूमो
और ऐश करो।।
आज मैं जवान हूँ
और अपनी स्थिति से वाकिफ हूँ।।
सौ टेंसन की दुकान
दिमाग में खोलकर बैठा हूँ।।
गर्लफ्रैंड को क्या गिफ्ट देना है।
तो कौन सा जोब मुझे लेना है।
एक टेंसन खत्म नहीं
दस और द्वार पर खड़ी हो जाती है।।
क्या खूब जिंदगी थी बचपन की
आज खूब तूझे याद करता हूँ।।

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