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तुम्हारी बाहों में आकर

तुम्हारी बाहों में आकर
                       मैं सारा जहाँ भूल जाता हूँ।।
सारा तनाव और सारे दुख को भूल
                       मैं तुममें खो सा जाता हूँ।।
बस अपनी आगोश में
                       तुम यूहीं समेटे रखना मुझे।।
सारे जग को भूलकर
                        मैं ढूंढूं अस्तित्व अपना तुममें।।
बस यूहीं तुम टूट टूट कर
                       प्यार करो जी भर कर मुझसे।।
हम-तुम तुम-हम एक हो जाएँ
                       मिटाकर अपने जिस्मों का भेद।।

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