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इतनी नफरत से ना देखा कीजिए हमसे।

इतनी नफरत से ना देखा कीजिए हमें।
कहीं प्यार ना हो जाए हमसे।।
आज आप हमसे दूर भाग रहीं हैं।
कहीं कल भीड़ में न ढूंढे हमें।।
मानता हूँ।
कि मैं एक आम इंसान हुँ
ज्यादा स्टाइलिश नहीं हूँ
एक गरीब बाप का बेटा हूँ।
प्यार में खर्च तो नहीं कर पाउँगा।।
शाहजहां के जैसा
मरणोपरांत
ताज महल भी नहीं बनवा पाउँगा।।
पर हाँ एके बात का देता हूँ यकीन।
जब तक साँसे चलती रहेगी।
प्यार में नही आने दूँगा
कभी कमी।।



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