10 Dec 2019

Dar dar ke ji rahe hain hum yahan.

Shayari


डर डर के जी रहे हैं हम यहाँ।।

कहीं हमसे कोई छीन ना ले प्यारा सा ये मेरा जहाँ।।
मेरे सपने और मेरे प्यारे रिश्ते सजे हैं यहाँ।।
बिन इनके ना रह पाऊँगा मैं किसी और जहाँ।।
हर छोटे छोटे पलों में खुशियों की झड़ी सी लगी है यहाँ।।
गम के पल भी सुगमता से कट जाते हैं,जब ये रिश्ते साथ खड़े रहते हैं वहाँ।।
मेरी वजूद आज इनसे ही है इस जहाँ।।
वरना कौन सार्थक बना पाएगा मेरे जीवन को यहाँ।।





dar dar ke ji rahe hain ham yahaan।।

kahin hamse koi chhin naa le pyaaraa saa ye meraa jahaan।।

mere sapne aur mere pyaare rishte saje hain yahaan।।

bin enke naa rah paaungaa main kisi aur jahaan।।

har chhote chhote palon men khushiyon ki jhdi si lagi hai yahaan।।

gam ke pal bhi sugamtaa se kat jaate hain,jab ye rishte saath khde rahte hain vahaan।।

meri vajud aaj ense hi hai es jahaan।।

varnaa kaun saarthak banaa paaagaa mere jivan ko yahaan।।



Written by sushil kumar

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